संविधान दिवस: सीएम फडणवीस ने पीएम मोदी की तारीफ की, शिंदे ने दिखाई फिल्मी अंदाज में प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने संविधान दिवस पर देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा है. पत्र में पीएम मोदी ने लिखा कि 26 नवंबर हर भारतीय के लिए बहुत गौरवशाली दिन है. इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था. इसलिए एक दशक पहले, साल 2015 में एनडीए सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था.

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27 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
05:36 AM )
संविधान दिवस: सीएम फडणवीस ने पीएम मोदी की तारीफ की, शिंदे ने दिखाई फिल्मी अंदाज में प्रतिबद्धता

संविधान दिवस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमारा संविधान ऐसा है, जिसने हर व्यक्ति को आवाज दी है. हर व्यक्ति को अस्तित्व का और अपने सपने पूरे करने का अधिकार दिया है. भारत का संविधान दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है.

सीएम फडणवीस ने की पीएम मोदी की तारीफ 

उन्होंने भारतीय संविधान को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की कही बात का समर्थन किया. दरअसल, सीएम फडणवीस ने यह बात पीएम मोदी की तरफ से देशवासियों को लिखे उस पत्र को लेकर कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि संविधान ने इतना अधिकार दिया है कि मुझ जैसे पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को भी प्रधानमंत्री बना दिया.

26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है 

प्रधानमंत्री ने संविधान दिवस पर देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा है. पत्र में पीएम मोदी ने लिखा कि 26 नवंबर हर भारतीय के लिए बहुत गौरवशाली दिन है. इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था. इसलिए एक दशक पहले, साल 2015 में एनडीए सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था.

ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझे प्रधानमंत्री बनाया 

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि हमारा संविधान एक ऐसा पवित्र दस्तावेज है, जो निरंतर देश के विकास का सच्चा मार्गदर्शक बना हुआ है. ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझ जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचाया है. संविधान की वजह से मुझे 24 वर्षों से निरंतर सरकार के मुखिया के तौर पर काम करने का अवसर मिला है.

2019 में जब चुनाव परिणाम के बाद मैंने संविधान को सिर माथे पर लगा

उन्होंने कहा कि मुझे याद है, साल 2014 में जब मैं पहली बार संसद भवन में प्रवेश कर रहा था, तो सीढ़ियों पर सिर झुकाकर मैंने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को नमन किया. साल 2019 में जब चुनाव परिणाम के बाद मैं संसद के सेंट्रल हॉल में गया था, तो सहज ही मैंने संविधान को सिर माथे लगा लिया था.

फिल्मी अंदाज में बाइक एकनाथ शिंदे

वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आज फिल्मी अंदाज सामने आया. उन्होंने एक जनसभा में कहा कि “एक बार कमिटमेंट कर दी तो मैं खुद की भी नहीं सुनता.”

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दरअसल, एकनाथ शिंदे बुधवार को वाशिम के मालेगांव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. भाषण के दौरान उन्होंने फिल्मी अंदाज में एक मशहूर डायलॉग बोलते हुए कहा, “मैं कमिटमेंट नहीं करता और अगर कमिटमेंट कर दी, तो फिर खुद की भी नहीं सुनता.” शिंदे ने कहा कि वे जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

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