विवादों जुड़ा रहा अजित पवार के प्लेन के मेन कैप्टन का नाता, फिर चर्चा में आया बैकग्राउंड, जानें क्यों
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जिस विमान हादसे में मौत हुआ, उसके मेन पायलट कैप्टन सुमित कपूर का विवादों से नाता रहा. उनके करियर में कई बार विवाद हुए, गंभीर मामले सामने आए. इसी बीच उनका बैकग्राउंड फिर से चर्चाओं में आ गया है.
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत एक दर्दनाक हवाई दुर्घटना में हो गई. यह हादसा बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जहां उनका चार्टर विमान क्रैश हो गया और आग लग गई. विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, जहां अजित पवार स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चार सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करने वाले थे.
विमान में कुल पांच लोग सवार थे, अजित पवार, उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (विदिप जाधव), एक अटेंडेंट (पिंकी माली), पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) सुमित कपूर और सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) शाम्भवी पाठक. दुर्भाग्य से, सभी की मौत हो गई. मुख्य पायलट के पास 15,000 से ज्यादा उड़ान घंटों का अनुभव था और उनकी मेडिकल और आईआर/पीपीसी जांच हाल ही में वैध थी. को-पायलट के पास लगभग 1,500 घंटे का अनुभव था.
हालांकि खबर सामने आ रही है कि पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) सुमित कपूर का विवादों से पुराना नाता रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आ रही जानकारी के मुताबिक हादसे की शुरुआती जांच में सामने आया है कि विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर का करियर में विवादों से नाता रहा और कई बार गंभीर मामले सामने आए.
कई बार विवादों में आए कैप्टन सुमित कपूर
ABP न्यूज की एक खबर के मुताबिक जांच में उनके करियर से जुड़ा एक गंभीर और विवादित रिकॉर्ड भी निकलकर सामने आ रहा है, जो उनके प्रोफेशनल करियर, अनुभव और इस हादसे की वजहों को लेकर सवाल खड़े करता है. इन रिकॉर्ड्स के सामने आने के बाद अब मामले की जांच इस एंगल से भी होगी.
ड्यूटी के दौरान शराब सेवन के दो मामले दर्ज
खबर में आगे कहा गया है कि कैप्टन सुमित कपूर के खिलाफ ड्यूटी के दौरान शराब के सेवन के करीब दो मामले दर्ज हुए थे. जानकारी के मुताबिक पहली घटना करीब 16 साल पहले, साल 2010 की है और जब वो मेडिकल जांच में अल्कोहल टेस्ट पॉजिटिव पाए गए थे. हालांकि इस गंभीर लापरवाही के बाद तत्कालीन संबंधित एयरलाइन कंपनी ने उन्हें सेवा से हटा दिया था.
इसके ठीक 7 साल बाद 2017 में वे एक बार फिर ड्यूटी के दौरान शराब सेवन करते हुए पकड़े गए. इस दूसरी घटना को विमानन सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर मानते हुए नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने उन्हें तीन वर्षों के लिए निलंबित कर दिया.
प्लेन क्रैश के बाद फिर चर्चा में आए सुमित कपूर
बाद में हुई विस्तृत जांच के बाद उन्हें पूरी तरह सेवा से निलंबित कर दिया गया. इसके बाद कैप्टन सुमित कपूर ने काफी समय तक फ्रीलांस पायलट के रूप में काम किया. वो करीब पांच वर्षों से वे VSR Ventures के साथ काम कर रहे थे. इसी बीच उनकी चर्चा बारामती विमान हादसे के बाद फिर शुरू हो गई है.
कैप्टन सुमित ने नहीं दिया मेडे कॉल!
अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैप्टन सुमित ने हादसे से पहले आपातकाली मेडे-मेडे कॉल नहीं किया था. जबकि उनकी को-पायलट कैप्टन शांभवी के आखिरी शब्द ओह शिट, ओह शिट....थे. ऐसे में प्लेन क्रैश के बाद फिर से कैप्टन सुमित के बैकग्राउंड की चर्चा हो रही है और पूछा जा रहा है कि इतने विवादास्पद प्रोफाइल के कैप्टन को कैसे विमान चलाने की इजाजत दी गई.
ये ना सिर्फ एविएशन सेफ्टी और पायलट फिटनेस से जुड़े नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है बल्कि VSR Ventures को भी सवालों के घेरे में एक बार फिर ला खड़ा किया है, जिस कंपनी का एक और विमान बीते सालों में दुर्घटना का शिकार हुआ था.
किस कंपनी का था विमान?
आपको बताएं कि कैप्टन सुमित जिस VSR Ventures के विमान लियरजेट-45 को उड़ा रहे थे, उसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था. यह दिल्ली स्थित मेसर्स वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर (एनएसओपी) विमान था. कंपनी का एयर ऑपरेटर परमिट (एओपी) 2014 में जारी हुआ था और अप्रैल 2028 तक वैध है. फ्लीट में 17 विमान हैं, जिनमें लियरजेट-45, एम्ब्राएर 135बीजे, किंग एयर बी 200 और पिलाटस पी.सी-12 शामिल हैं.
VSR Ventures का एक और विमान 2023 में हादसे का शिकार हुआ था
फरवरी 2025 में डीजीसीए के ऑडिट में कंपनी के विमानों को लेकर कोई गंभीर कमी नहीं पाई गई थी, हालांकि 2023 में कंपनी के एक अन्य लियरजेट 45 (वीटी-डीबीएल) ने मुंबई में लैंडिंग के दौरान हादसा झेला था, जिसकी जांच जारी है.
कैसा है बारामती का एयरफील्ड, लैंडिंग के दौरान क्या हुआ था?
बारामती एक अनियंत्रित एयरफील्ड है, जहां ट्रैफिक जानकारी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर या पायलट देते हैं. मुंबई से उड़ान भरने के बाद विमान ने बारामती से संपर्क किया. पुणे अप्रोच से अनुमति मिलने पर क्रू ने विजुअल कंडीशंस में उतरने की कोशिश की. मौसम में हवा शांत थी और विजिबिलिटी लगभग 3 किलोमीटर थी. क्रू ने रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच रिपोर्ट की. लेकिन, पहले प्रयास में रनवे नहीं दिखा तो गो-अराउंड किया.
दूसरे प्रयास में क्रू ने रनवे दिखने की रिपोर्ट की. सुबह 8:43 बजे लैंडिंग की अनुमति मिली, लेकिन क्रू ने क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया. अगले मिनट में एटीसी ने रनवे थ्रेशोल्ड के पास आग की लपटें देखीं. विमान रनवे के बाईं ओर थ्रेशोल्ड से आगे जाकर क्रैश हो गया.
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AIB) ने जांच शुरू कर दी है. एएआईबी की टीम दिल्ली से पुणे पहुंची और बारामती जा रही है. डीजीसीए की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है. ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) समेत अन्य जानकारियों की जांच की जाएगी.
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