Advertisement

Advertisement

अविमुक्तेश्वरानंद का रौद्र रूप! UGC के नियमों पर भड़के शंकराचार्य, कहा- ये ‘लड़ो और मरो’ वाली मशीन

UGC के नियमों को लेकर देशभर में विरोध किया जा रहा है, इसी शंकराचार्य ने नए नियम को ‘लड़ो और मरो’ वाली मशीन बता दिया है.

यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नई गाइडलाइंस को लेकर विवाद तेज हो गया है. आरोप लग रहे हैं कि ये नियम हिंदू समाज और ऊंची जातियों के साथ भेदभाव दिखाते हैं. इसको लेकर संत समाज भी आक्रोशित दिख रहा है. ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यूजीसी का नियम सनातन धर्म के लिए बड़ा खतरा है.

‘यूजीसी के नए नियम सनातन धर्म के लिए खतरा’

शंकराचार्य के अनुसार, सनातन धर्म में जातियां किसी लड़ाई के लिए नहीं हैं, बल्कि यह परंपरा इसलिए बनाई गई थी ताकि हर व्यक्ति की आजीविका और जीवन सुरक्षित रह सके. ये पुराने समय की प्रथाएं हैं, जो समाज की स्थिरता के लिए बनाई गई थीं. यूजीसी के इस नियम ने अब एक जाति को दूसरी जाति के सामने खड़ा कर दिया है, जिससे लड़ाई और टकराव होना तय है. उनका कहना है कि यह पूरे सनातन धर्म के लिए एक तरह का खतरा है, मानो एक मशीन ले आए और कहे, "लड़ो और मरो.”

'यूजीसी के नियमों का विरोध जरूरी’

शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि यूजीसी के नए नियमों का विरोध करना जरूरी है. उनका कहना है कि सनातन धर्म की हानि करने वाले नए नियमों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट केवल यह देख सकता है कि कानून में कोई संवैधानिक त्रुटि तो नहीं है, लेकिन कानून को पूरी तरह रोकना उसका काम नहीं है. संसद ने यह कानून पास किया है और गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि संसद का कानून सभी को मानना पड़ेगा.

‘हिंदू समाज को दो हिस्सों में बांटना गलत’

स्वामी जी ने कहा कि असल समस्या यह है कि सवर्ण समाज सड़क पर है, लेकिन दूसरा समाज नहीं है. उनका मानना है कि दूसरा समाज भी विरोध में आना चाहिए क्योंकि यह लड़ाई उनका भी हित है. अगर एक ही हिंदू समुदाय के अंदर दो अलग-अलग समाज खड़े हो जाएंगे, तो यह पूरी तरह समुदाय का विभाजन है. उन्होंने साफ कहा कि एक हिंदू समाज को दो हिस्सों में बांटना गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

‘विमान हादसे की जांच होनी चाहिए’

इसके अलावा शंकराचार्य ने महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश का जिक्र करते हुए बोला कि लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह कोई साजिश है. स्वामी जी ने कहा कि अगर कोई शंका है, तो उसका सामना किया जाना चाहिए और जांच कमेटी के माध्यम से कार्रवाई की जानी चाहिए. इससे जनता के मन में भ्रम नहीं रहेगा और सही निष्कर्ष निकलेगा.

 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE

Advertisement

अधिक →