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अजित पवार की विमान हादसे में मौत ने फिर याद दिलाए वो काले दिन, जब आसमान ने भारत के दिग्गज छीने

बुधवार की सुबह पुणे के बारामती में लैंडिंग के दौरान हुए हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई. इस घटना से न सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हुआ, बल्कि यह उन तमाम हादसों की याद भी दिला गई, जिनमें भारत ने पहले कई बड़े नेताओं और चर्चित हस्तियों को खोया है.

अजित पवार की विमान हादसे में मौत ने फिर याद दिलाए वो काले दिन, जब आसमान ने भारत के दिग्गज छीने
Ajit Pawar (File Photo)
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बुधवार की सुबह महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश की सियासत के लिए भी बेहद दुखद साबित हुई. एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई. पुणे के बारामती में उतरते समय हुए इस हादसे ने एक अनुभवी जननेता को असमय छीन लिया. इस घटना ने उन पुराने जख्मों को फिर हरा कर दिया, जब हवाई दुर्घटनाओं में भारत ने अपने कई बड़े नेताओं, वैज्ञानिकों और चर्चित चेहरों को खोया है. यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद आसमान का सफर आज भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं कहा जा सकता. 

अजित पवार 66 वर्ष के थे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता माने जाते थे. उनके अचानक चले जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता में भी शोक की लहर है. लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब किसी बड़े नाम की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया हो. भारत का इतिहास ऐसे कई हादसों से भरा पड़ा है, जहां विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने अपूरणीय क्षति पहुंचाई है.

साल 1966 होमी भाभा 

24 जनवरी 1966 को देश ने अपने अग्रणी परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा को खो दिया था. ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 जिनेवा से दिल्ली आ रही थी, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ गलत संचार के कारण विमान स्विस आल्प्स की मोंट ब्लांक चोटी से टकरा गया. इस हादसे ने भारत के वैज्ञानिक भविष्य को गहरा झटका दिया.

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साल 1980 में संजय गांधी की मौत 

23 जून 1980 को एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई. कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की दिल्ली में विमान दुर्घटना में मौत हो गई. सफदरजंग हवाई अड्डे के पास वह एक छोटे विमान से करतब दिखा रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ गया और विमान क्रैश हो गया. यह हादसा राजनीति के साथ-साथ देश की जनता के लिए भी बड़ा सदमा था.

2001 माधवराव सिंधिया का निधन 

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30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया का निधन भी एक विमान दुर्घटना में हुआ. कानपुर में रैली के लिए जा रहा उनका निजी विमान खराब मौसम की चपेट में आ गया और हादसे का शिकार हो गया. इस दुर्घटना में सवार सभी लोगों की जान चली गई.

साल 2002 में लोकसभा अध्यक्ष की विमान हादसे में मौत 

तीन मार्च 2002 को लोकसभा अध्यक्ष जी एम सी बालयोगी की मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया. आंध्र प्रदेश में उनका निजी हेलीकॉप्टर एक तालाब में गिर गया. यह हादसा उस समय हुआ, जब वह पश्चिम गोदावरी जिले से लौट रहे थे.

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साल 2004 मेघायल के मंत्री सिप्रियन सांगा निधन 

22 सितंबर 2004 को मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री सिप्रियन सांगा और नौ अन्य लोगों की मौत पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई. गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहा यह हेलीकॉप्टर बारापानी झील के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उसी साल 17 अप्रैल को दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या की भी विमान हादसे में मौत हो गई. वह बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं.

ओ पी जिंदल की 2005 में निधन 

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2005 में उद्योगपति ओ पी जिंदल और हरियाणा के कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान चली गई. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में यह हादसा हुआ, जिसने राजनीतिक और औद्योगिक जगत को झकझोर दिया.

वाई एस रेड्डी का 2009 में विमान हादसे में मौत 

दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में गिर गया. यह घटना दक्षिण भारत की राजनीति के लिए बेहद दुखद रही. 30 अप्रैल 2011 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई.

साल 2021 में CDS बिपिन रावत को देश ने खोया 

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आठ दिसंबर 2021 को देश ने अपने पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को खो दिया. तमिलनाडु के कूनूर के पास हुआ यह हेलीकॉप्टर हादसा पूरे राष्ट्र के लिए गहरा आघात था. हाल के वर्षों में 12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मौत ने एक बार फिर हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इस हादसे में सैकड़ों यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों की जान चली गई.

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बताते चलें कि अजित पवार की ताजा दुर्घटना इन सभी घटनाओं की कड़ी में एक और दर्दनाक अध्याय जोड़ती है. हर हादसा हमें यही याद दिलाता है कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो, मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है. इन त्रासदियों से सबक लेना और हवाई सुरक्षा को और मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.

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