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पहले से रची गई साजिश? CJP के संसद मार्च के दौरान हिंसा की होगी जांच, पुलिसकर्मियों पर हुए थे हमले

CJP के जुलाई में हुए प्रदर्शन में ‘पूर्व नियोजित’ हिंसा और आपराधिक तत्वों की भूमिका की जांच होगी. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले को देखेगी और पता लगाएगी इसमें पहले से हिंसा की कोई साजिश तो नहीं रची गई.

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08 Oct 2026
( Updated: 08 Oct 2026
04:11 PM )
पहले से रची गई साजिश? CJP के संसद मार्च के दौरान हिंसा की होगी जांच, पुलिसकर्मियों पर हुए थे हमले
Image Source- IANS/Deepak Kumar
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पेपर लीक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दो महीने बाद पुलिस ने अब बड़ा एक्शन लिया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जुलाई में हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि जांच का मुख्य फोकस 20 जुलाई को नई दिल्ली में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर रहेगा. इस दौरान जांच के केंद्र ये पॉइंट मुख्य तौर पर रहेगा, वो ये कि हिंसा ‘पूर्व नियोजित’ थी या CJP के संसद मार्च के दौरान ‘आपराधिक तत्वों’ की एंट्री हुई. 

पुलिस पर हमले और हिंसा की होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस हिंसा से संबंधित 17 एफआईआर पहले ही रद्द कर चुकी है. अब क्राइम ब्रांच पुलिसकर्मियों पर हमले, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों समेत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी हिंसा की विशेष रूप से जांच करेगी. 

20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे. करीब 30 हजार लोग सड़कों पर उतरे और पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया. 

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स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे. घटना के बाद पूरी स्थिति की समीक्षा की गई. 
अधिकारियों का मानना था कि प्रदर्शनकारियों की संख्या, उनकी लामबंदी और विभिन्न संगठनों की भूमिका को लेकर पुलिस के पास पहले से पर्याप्त और सटीक जानकारी नहीं थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच को निर्देश दिया गया कि वह केवल प्रदर्शन के स्थान और अनुमानित भीड़ की जानकारी जुटाने के बजाय अधिक विस्तृत और उपयोगी खुफिया सूचनाएं तैयार करे. हालांकि, सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया था. अदालत ने निर्देश दिया था कि देशभर में इसी तरह के मामलों में आगे कार्रवाई या जांच नहीं की जाएगी. 

पेपर लीक के खिलाफ हुआ था CJP का प्रदर्शन 

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धर्मेंद्र प्रधान और NEET पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मुख्य प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून 2026 को शुरू हुआ और 25 जुलाई 2026 को खत्म हुआ. यह आंदोलन लगभग 36 दिन चला. 

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