पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सियासी घमासान, ममता सरकार पर मंगल पांडे का बड़ा हमला

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ममता सरकार जानबूझकर SIR की प्रक्रिया को रोकना चाहती है, क्योंकि वह गलत तरीकों से चुनाव जीतती रही है.

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23 Jan 2026
( Updated: 23 Jan 2026
07:38 PM )
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सियासी घमासान, ममता सरकार पर मंगल पांडे का बड़ा हमला

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह गलत तरह से चुनाव जीतती है, इसीलिए एसआईआर नहीं होने दे रही है.

बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे सिस्टम को खराब करना चाहती हैं और दबाव डालकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम को रोकना चाहती हैं.वह हर किसी पर दबाव बनाने के लिए हर मुमकिन तरीका अपना रही हैं।"

‘घुसपैठियों को अधिकार देने का आरोप’

उन्होंने कहा कि टीएमसी के सदस्य बीएलओ पर सबसे ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे बेचारे अधिकारियों की मानसिक हालत खराब हो जाती है.वह बांग्लादेश से लोगों को पश्चिम बंगाल लाती हैं और इन घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल के निवासियों के अधिकार देना चाहती हैं ताकि वह गलत तरीके से चुनाव जीतती रहें. उनको ये नहीं पता कि अब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार आने वाली है।

खड़गे पर भी साधा निशाना

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा, “राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ऐसी पार्टी से हैं जिसके नेता चांदी की चम्मच लेकर पैदा होते हैं और पार्टी के इशारों पर काम करते हैं. दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश की मिट्टी में एक गरीब परिवार में पैदा हुए. वह गरीबों के नेता हैं और उनके दर्द को अच्छी तरह समझते हैं।”

बिहार में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंगल पांडे ने कहा, “फाइलेरिया में कई तरह की बीमारियां होती हैं.इनमें से, एलिफेंटिएसिस एक स्थिति है, हाइड्रोसील एक अलग स्थिति है, और कभी-कभी शरीर के दूसरे हिस्सों में भी दिक्कतें हो जाती हैं.इसी तरह, ये आंकड़े एक साथ इकट्ठा किए जाते हैं. बिहार में राज्य को फाइलेरिया-मुक्त बनाने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 2027 तय किया गया है. इसे हासिल करने के लिए, हम समाज में जागरूकता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि लोग जरूरी दवाएं लें।”

‘जनता का विश्वास हमारे साथ’

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार की योजनाओं पर पूरा विश्वास है. जनता हमारे साथ है, जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए गए हैं.

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