UP में 1225 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी, शहरी परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार, सरकार ने दी खरीद की मंजूरी
UP: नई इलेक्ट्रिक बसें, चार्जिंग स्टेशन और कार्बन क्रेडिट जैसी योजनाएं मिलकर प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगी. इससे आने वाले समय में आम लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सस्ता सफर मिल सकेगा.
Follow Us:
CM Yogi: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक और अच्छी खबर है. लखनऊ सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों में अब नई एसी इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगी. राज्य सरकार ने कुल 1225 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है. यह फैसला मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई निधि प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया. सरकार का उद्देश्य है कि शहरों में लोगों को साफ, आरामदायक और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सके.
पुरानी डीजल बसों की जगह आएंगी नई इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में बताया गया कि ये 1225 नई इलेक्ट्रिक बसें अभी चल रही 1140 डीजल और सीएनजी बसों की जगह ली जाएंगी. इसका सीधा फायदा यह होगा कि प्रदूषण कम होगा और लोगों को शांत, आरामदायक और एसी बसों में सफर करने का मौका मिलेगा. बसों का वितरण अलग-अलग शहरों में उनकी जरूरत के हिसाब से किया जाएगा, ताकि हर जगह नगरीय परिवहन व्यवस्था मजबूत हो सके.
UP के सभी गांवों में जल्द मिलेगा नल से शुद्ध पानी, पंचायत चुनाव से पहले बड़ी सौगात
शहरों में बेहतर और स्वच्छ परिवहन को मिलेगी रफ्तार
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि इन फैसलों से उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी. इलेक्ट्रिक बसें न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि आम लोगों के सफर को भी आसान और सस्ता बनाएंगी. इससे शहरों में ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर ज्यादा आकर्षण होगा.
वाराणसी में बढ़ेगी ई-बस चार्जिंग की सुविधा
इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ चार्जिंग की सुविधा को भी मजबूत किया जा रहा है. खासतौर पर वाराणसी में ई-बसों के लिए चार्जिंग क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है. सारनाथ पार्किंग स्थल पर दूसरा अपॉर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा और वहां दो नए चार्जर लगाए जाएंगे. इसके लिए करीब 103.53 लाख रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है, जिससे बसों के संचालन में कोई दिक्कत न आए.
15 शहरों में लागू होगा कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के 15 शहरों में चल रही इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. इस योजना के तहत यह देखा जाएगा कि इलेक्ट्रिक बसों से कितनी मात्रा में प्रदूषण कम हुआ है. इसी आधार पर कार्बन क्रेडिट बेचा जाएगा, जिससे सरकार को अतिरिक्त आय होगी. खास बात यह है कि इस पूरी परियोजना पर सरकार या निदेशालय पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.
16 नगर निगमों में बनेंगे पब्लिक चार्जिंग स्टेशन
इसके अलावा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 के तहत प्रदेश के 16 नगर निगमों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से कुल 272 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे. इससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों, बल्कि आम इलेक्ट्रिक वाहनों को भी चार्ज करने में आसानी होगी.
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
यह भी पढ़ें
सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और शहरों को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में बहुत अहम माना जा रहा है. नई इलेक्ट्रिक बसें, चार्जिंग स्टेशन और कार्बन क्रेडिट जैसी योजनाएं मिलकर प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगी. इससे आने वाले समय में आम लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सस्ता सफर मिल सकेगा.
टिप्पणियाँ 0
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें