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‘देवी बनाने से पहले इंसान तो मानो’, महिलाओं की सुरक्षा पर साकिब सलीम का पोस्ट वायरल, जमकर आए रिएक्शन

Shaqib Saleem: साकिब ने अपनी पोस्ट में उस सोच पर भी निशाना साधा, जिसमें किसी महिला के साथ गलत होने पर उसके कपड़ों और व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया जाता है. उन्होंने लिखा कि लोग अक्सर कहते हैं कि लड़की के कपड़े छोटे थे या वह खुद ऐसा चाहती थी, जबकि असल जरूरत समाज की सोच बदलने की है.

Image Source: Shaqib Saleem/ Instagram
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Shaqib Saleem Viral Post: बॉलीवुड अभिनेता साकिब सलीम ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी पोस्ट शेयर की है, जिसने महिलाओं की सुरक्षा, उनकी सहमति और समाज की सोच को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. साकिब ने अपनी पोस्ट में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार और अपराधों के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने वाली मानसिकता पर सवाल उठाया. उन्होंने लिखा, “देवी बनाने से पहले इनको इंसान तो मानो, हाथ लगाने से पहले इजाज़त तो मांगो.” उनकी इस बात ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है.

कपड़ों को नहीं, सोच को बदलने की जरूरत

साकिब ने अपनी पोस्ट में उस सोच पर भी निशाना साधा, जिसमें किसी महिला के साथ गलत होने पर उसके कपड़ों और व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया जाता है. उन्होंने लिखा कि लोग अक्सर कहते हैं कि लड़की के कपड़े छोटे थे या वह खुद ऐसा चाहती थी, जबकि असल जरूरत समाज की सोच बदलने की है. उनका संदेश साफ था कि महिला चाहे स्कर्ट पहने या साड़ी, उसकी सुरक्षा और सम्मान उसके कपड़ों पर निर्भर नहीं होना चाहिए.

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साकिब ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “एक दिन इस देश में लड़की बनके तो देखा.” इस लाइन के जरिए उन्होंने लोगों से महिलाओं की जिंदगी और उनके रोजमर्रा के डर को समझने की अपील की, एक लड़की के लिए घर से बाहर निकलना, सफर करना या अपनी पसंद के कपड़े पहनना सामान्य बात होनी चाहिए, लेकिन कई बार उसे अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहना पड़ता है.

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सहमति और सम्मान को लेकर कही बड़ी बात

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साकिब की पोस्ट का एक अहम हिस्सा सहमति यानी कंसेंट से जुड़ा है. किसी भी इंसान को बिना उसकी अनुमति छूना या उसके साथ ऐसा व्यवहार करना, जिसे वह नहीं चाहता, सही नहीं है. उनके संदेश का केंद्र यही है कि महिलाओं को सिर्फ सम्मान देने की बात करने के बजाय उन्हें बराबरी के इंसान के रूप में देखना जरूरी है.
उन्होंने उस विरोधाभास की ओर भी ध्यान दिलाया जिसमें समाज एक तरफ महिलाओं को ‘देवी’ कहता है, लेकिन दूसरी तरफ उनके साथ होने वाली हिंसा या अपराध के लिए कई बार सवाल महिला पर ही उठने लगते हैं. साकिब की पोस्ट इसी मानसिकता पर सोचने के लिए मजबूर करती है.

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

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साकिब सलीम की इस भावुक और विचारणीय पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से मिली-जुली और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं...कई लोगों ने इस संदेश का समर्थन करते हुए लिखा कि "यह हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है" और हर लड़की के प्रति सम्मान की भावना बेहद जरूरी है. वहीं, कुछ यूजर्स ने बलात्कार जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त से सख्त कानून, फांसी या एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की मांग की, ताकि देश की अगली पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित माहौल बन सके...लड़कियों के कपड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, "चाहे बुर्का हो या साड़ी, खतरे में है हर नारी", जो यह दर्शाता है कि खतरा लिबास से नहीं बल्कि नीयत से है. दूसरी ओर, इस गंभीर मुद्दे पर कुछ कमेंट्स में ट्रोलिंग और धर्म-आधारित बहस भी देखने को मिली.

साकिब सलीम फिल्मों और वेब सीरीज में अपने काम के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने ‘मुझसे फ्रैंडशिप करोगे’, ‘मेरे डैड की मारुति’, ‘बॉम्बे टॉकीज’ और ‘83’ जैसी फिल्मों में काम किया है. फिल्म 83 में उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ का किरदार निभाया था. इसके अलावा वह क्रैकडाउन जैसी वेब सीरीज में भी नजर आ चुके हैं. सोशल मीडिया पर वह समय-समय पर सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय साझा करते रहते हैं.

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