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जाटों से चिढ़े Sangeet Som ने सीधा CM Yogi को दे दी चेतावनी? UP में मचा हड़कंप

संगीत सोम और संजीव बालियान के बीच की लड़ाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इसी बीच संगीत सोम ने सीएम योगी को लेकर क्या कहा वो जरा सुन लीजिए ?

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13 Apr 2024
( Updated: 11 Dec 2025
01:11 AM )
जाटों से चिढ़े Sangeet Som ने सीधा CM Yogi को दे दी चेतावनी? UP में मचा हड़कंप
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19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान होना है। वैसे तो पहले चरण में 102 सीटों पर वोटिंग होगी लेकिन यूपी की 8 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जिनपर सबकी नज़रें रहेंगी। इनमें पश्चिमी यूपी की मुज़फ़्फ़रनगर सीट भी शामिल है जहां से दो बार के सांसद संजीव बालियान को तीसरी बार टिकट दिया गया है। दूसरी बार भले ही संजीव बालिया की जीत का अंतर बहुत ज़्यादा बड़ा नहीं था। साल 2019 के आम चुनावों में संजीव बालियान ने जयंत के पिता दिवंगत चौधरी अजीत सिंह को महज़ 6000 से भी कम वोटों के अंतर से हराया था, लेकिन फिर भी इस बार बीजेपी ने इस सीट से बालियान पर ही दांव लगाया है।

दरअसल बीजेपी का मानना है कि पश्चिमी यूपी के जाटों पर बालियान की अच्छी खासी पकड़ है, और रही बात विकास की तो गांव गांव चले जाइये…पक्की सड़कों से लेकर हर मूलभूत सुविधा दिखाई देती है…शायद इसीलिए छोटे से छोटे गांव का जाट भी बालियान के हक़ में आवाज़ बुलंद करता है…लेकिन ये क्या एक तरफ़ बीजेपी ने जाट वोट बैंक को तो साध लिया लेकिन अब उन ठाकुरों का क्या करें जो बीजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक पर ये हवा बनाई जा चुकी है कि भाईसाहब ठाकुर इतने नाराज़ हैं कि इस बार बीजेपी को इस सीट से हराने के मूड में है।

क्या वाक़ई ठाकुर नाराज़ हैं ? या फिर ये दो नेताओं की आपसी लड़ाई है जिसको लेकर माहौल बनाया जा रहा है ? और अगर ठाकुर नाराज़ हैं तो क्या वो ठाकुर जाति से आने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत तो जाया कर देंगे ? ये सवाल बार बार उठ रहा है, ख़ासकर तबसे जब से ठाकुर नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं। इसके पीछे की पूरी रणनीति समझिए। पश्चिमी यूपी की तरफ़ आप रुख़ करिएगा तो आपको एक बड़े नेता के तौर पर ना सिर्फ़ बालियान और उनके समर्थक दिखाई देंगे बल्कि संगीत सोम जैसे बड़े ठाकुर नेता का भी दबदबा दिखाई देगा।

वो अलग बात है कि बालियान तो अपनी सांसदी बचाने में कामयाब रहे हैं लेकिन संगीत सोम के माथे पर हार का ठप्पा लग चुका है। हार भले ही गए हों लेकिन रौब कम नहीं हुआ है, तभी तो उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें मेरठ सीट से टिकट मिल सकता है लेकिन बीजेपी ने संगीत सोम को टिकट ना देकर अरुण गोविल को मैदान में उतार दिया। ऐसे में ठाकुरों के बीच ये माहौल बनाया गया है कि बीजेपी आलाकमान का फ़ोकस जाटों पर है ठाकुरों पर नहीं…भ्रमित करने के लिए उनसे कहा जा रहा है कि ठाकुरों को टिकट दिया ही नहीं गया है।

बीजेपी ने मैनपुरी से ठाकुर जयवीर सिंह को चुनावी मैदान में उतारा गया है। बलिया से नीरज शेखर के नाम की घोषणा की है। लखनऊ से राजनाथ सिंह को टिकट दिया है। मुरादाबाद से सर्वेश सिंह को दिया है। डुमरियागंज से जगदंबिका पाल को टिकट मिला है। जौनपुर से कृपाशंकर सिंह को टिकट मिला है। गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह को, फ़ैज़ाबाद से लल्लू सिंह को हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह चंदेल को…अकबरपुर से देवेंद्र सिंह भोले को टिकट दिया गया है। 

लिस्ट देखकर आप समझ गए होंगे कि बीजेपी ने ठाकुरों को टिकट तो दिया है…लेकिन फिर ये ठाकुर विरोध क्यों कर रहे हैं ? ये अगर आप नहीं समझे हैं तो हम आपको समझाते हैं…जैसा कि मैंने ऊपर भी ज़िक्र किया था…ये लड़ाई है जाट और ठाकुर नेताओं के वर्चस्व की…ये लड़ाई है बालियान और संगीत सोम की जिसमें कभी देख लेने की बात होती है तो कभी हैसीयत की..संगीत सोम का ताज़ा बयान सुनिए….कैसे सीधा नहीं लेकिन घुमा फिराकर टार्गेट कर रहे हैं बालियान को..ये हाल तो तब है जब ख़ुद सीएम योगी हाल ही में साधना में एक जनसभा को संबोधित करके गए थे। 

बहरहाल 19 तारीख़ में अब कुछ ही दिन बचे हैं और ऐसे में देखना होगा ये ठाकुर वर्सेज़ जाट विवाद सुलझता है या फिर नहीं।

 

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