Advertisement
योगी की नाक के नीचे कौन रच रहा गजवा-ए-हिंद की बड़ी साज़िश
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सूर्य नमस्कार का विरोध क्या किया, पेशे से वकील अश्विनी उपाध्याय ने गजवा-ए-हिंद का संकेत दे दिया है, सच क्या है ? देखिये।
Advertisement
गजवा-ए-हिंद की आड़ में दुर्योधन का नैनिहाल गंधार अफ़ग़ानिस्तान बन गया। राजा भरत का नैनीहाल कैकई पाकिस्तान बन गया और अब भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा के मंदिर से गजवा-ए-हिंद के बीज बोये जा रहे हैं। भारत के अस्तित्व के लिए गजवा-ए-हिंद कितना बड़ा ख़तना है, ये जानते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई दफ़ा इसका विरोध भी कर चुके हैं। खुलकर ऐलान किया है ना ही देश का संविधान शरीयत के अनुसार चलेगा और ना ही गजवा-ए-हिंद का सपना कभी पूरा होने दिया जाएगा लेकिन आज उन्हीं की नाक के नीचे गजवा-ए-हिंद की साज़िश रची जा रही है। हाल ही में मज़हबी संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद ने स्कूलों में होने वाले सूर्य नमस्कार,सरस्वती वंदना, श्लोक और तिलक लगाने का कट्टर विरोध किया है, बक़ायदा मुस्लिमों विद्यार्थियों से इसका बहिष्कार करने की अपील की है। जिस पर पेशे के वकील और घर्म से सनातनी योद्धा अश्विनी उपाध्याय का कहना है नाम है जमीयत-उलेमा-हिंद और काम है गजवा-ए-हिंदसच क्या है, सुनिये उन्हीं की ज़ुबानी
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement
Advertisement
Advertisement