अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा और गणेश विदाई का पवित्र संगम, जानें क्या है इस दिन का महत्व

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और व्रत का विधान है. भक्त इस दिन अनंत सूत्र धारण करते हैं, जिसमें 14 गांठें होती हैं.

Author
05 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:13 PM )
अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा और गणेश विदाई का पवित्र संगम, जानें क्या है इस दिन का महत्व
Ganesh Ji, Vishnu Ji

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी शनिवार को अनंत चतुर्दशी है. यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और गणेशोत्सव के समापन का अनूठा संगम है. हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के साथ-साथ जीवन के कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है.

अनंत सूत्र की 14 गांठें किसका प्रतीक हैं?
पुराणों के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और व्रत का विधान है. भक्त इस दिन अनंत सूत्र धारण करते हैं, जिसमें 14 गांठें होती हैं. ये गांठें भगवान विष्णु के 14 लोकों—भू, भुवर, स्वर, मह, जन, तप, सत्य, अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल का प्रतीक हैं.

धागा बांधना क्यों है जरूरी?
यह पवित्र धागा सुरक्षा का प्रतीक है, जो व्यक्ति को हर संकट से बचाता है. इसे पुरुष दाहिने और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं. मान्यता है कि इस धागे को धारण करने से जीवन में सकारात्मकता और शांति बनी रहती है.

इस दिन गणेश विसर्जन क्यों है जरूरी?
अनंत चतुर्दशी का दिन गणेशोत्सव का समापन भी होता है. गणेश चतुर्थी के दिन स्थापित की गई भगवान गणेश की मूर्तियों का इस दिन विसर्जन किया जाता है. भक्तगण ढोल-नगाड़ों, भक्ति भजनों और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ गणेश जी को विदा करते हैं, इस विश्वास के साथ कि वे अगले वर्ष फिर आएंगे.

यह भी पढ़ें

भक्ति और आस्था का अनूठा संगम
इस तरह यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और भगवान गणेश की विदाई दोनों का संगम है, जो इसे और भी विशेष बनाता है. अनंत चतुर्दशी का यह पर्व भक्ति और आस्था का अनूठा मेल है, जो भगवान विष्णु की कृपा और गणेश जी की विदाई के साथ जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि लाता है. दृक पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य सिंह राशि में रहेंगे और चंद्रमा सुबह के 11 बजकर 21 मिनट तक मकर राशि में रहेंगे. इसके बाद कुंभ राशि में गोचर करेंगे. इसके साथ ही इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Startup का सच बताकर Abhishek Kar ने दे दिया करोड़पति बनने का गुरु मंत्र!
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें