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जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी, 3 महीने बाद आने वाली प्रलय क्या PM मोदी को ख़तरे में डालेगी ?

3 महीने बाद कौन सी आफ़त आनी है, जिसमें तबाही की मंजर चारों तरफ़ दिखेगा? 3 महीने बाद की तबाही क्या भारत के लिए भी ख़तरनाक है ? 90 दिन बाद आने वाली आपदा कितने देशों को निगल सकती है ?

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बैट टू बैक भूकंप के झटकों को झेल रही दुनिया अब क्या किसी बड़े ख़तरे में है ? आज ये सवाल इसलिए क्योंकि भारत के सदाबहार दोस्त जापान की सरज़मीन से एक ऐसी भविष्यवाणी सामने आई है, जो भारत के लिए ख़तरे की घंटी बन चुकी है। म्यांमार-थाईलैंड में मची तबाही के बीच ताइवान में धरती क्या काँपी, दुनिया को जापानी बाबा वेंगा की भयावह भविष्यवाणी याद आने लगी । 3 महीने बाद कौन सी आफ़त आनी है, जिसमें तबाही की मंजर चारों तरफ़ दिखेगा? 3 महीने बाद की तबाही क्या भारत के लिए भी ख़तरनाक है ?  90 दिन बाद आने वाली आपदा कितने देशों को निगल सकती है ?

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भारत से सात समंदर पार बुल्गारिया की धरती से 28 साल पहले 86 साल की उम्र में बाबा वेंगा ने इस दुनिया को गुड बॉय तो बोला, लेकिन अपने पीछे साल 5079 तक की भविष्यवाणियां छोड़कर गईं। इन भविष्यवाणियों में 85 फ़ीसदी की सत्यता देखी  गई है और अब इसी कड़ी में एक नाम जापान से है, जिन्हें जापानी बाबा वेंगा कहा जाने लगा है..दरअसल 2025 की शुरुआत से लेकर अब तक, धरती जितनी बार कंपकंपाई, मानवजाति का भविष्य ख़तरे में देखा गया। बीते दिनों म्यांमार और थाइलैंड में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने जमकर तबाही मचाई थी। म्यांमार में 100 से ज़्यादा लोग मारे गये। गगनचुंबी इमारतें धराशाही हो गई। फिर नेपाल भी भूकंप के झटकों से कांपा राजधानी दिल्ली तक धरती की गड़गड़ाहट से काँप उठी। भूकंप के चलते दहशत का जो माहौल अब तक बना हुआ है, उसे देखते हुए दुनिया की ज़ुबान पर जापानी बाबा वेंगा का नाम है। 


रियो तात्सुकी इस नाम से कम लोग परिचित हो, लेकिन इनके द्वारा लिखी गई किताब द फ्यूचर आई सॉ आधी से ज़्यादा दुनिया ने ज़रूर पढ़ी होगी। पेशे से कलाकार रह चुकी रियो तात्सुकी के लिए कहा जाता है कि उनमें भविष्य देखने की गुप्त शक्ति है। 1980 से उन्होंने दुनियाभर में होने वाली घटनाओं को लेकर जो सपने देखे उन्हें अपनी ड्रीम डायरी में लिखना शुरू कर दिया और 1999 में980 से उन्होंने दुनियाभर में होने वाली घटनाओं को लेकर जो सपने देखे उन्हें अपनी ड्रीम डायरी में लिखना शुरू कर दिया और 1999 में वहीं डायरी उनकी किताब बनकर दुनिया के सामने आई। जो लोग जापानी बाबा वेंगा के बारे में नहीं जानते, उन्हें ये मालूम होना चाहिए कि रियो तात्सुकी ने जितनी भी भविष्यवाणी की, वो सत्यता की कसौटी पर खरी उतरी। 1991 में क्वीन बैंड के लीड सिंगर फ्रेडी मर्करी की मृत्यु की भविष्यवाणी हो, 1995 में कोब भूकंप की भविष्यवाणी जिसमें 6,000 लोगों ने जान गंवाई थी। इन्होंने प्रिंसेस डायना की ट्रैजिक एक्सीडेंट में मौत होने की भी भविष्यवाणी की थी , दुनिया को मौत की नींद सुला देने वाली महामारी की भी भविष्यवाणी थी और अब एक ऐसी सूनामी की भविष्यवाणी कर रही, जिसमें 2011 से भी ज़्यादा तबाही मचेगी। आज की डेट में रियो तात्सुकी ये दावा कर रही है कि जापान और उसके पड़ोसी देशों में जुलाई, 2025 में जलप्रलय आने वाला है, इसका सपना ख़ुद उन्होंने देखा है। यह अंडरवॉटर वॉल्केनिक इरप्शन या फिर समुद्रतल में होने वाले बड़े एक्सप्लोजन के कारण होगा। यह सुनामी 2011 में आई सुनामी से तीन गुना ज्यादा बड़ी होगी। 


रियो तात्सुकी जिन्हें अब जापानी बाबा वेंगा बुलाया जाने लगा है। इनकी भविष्यवाणी पर यक़ीन कर पाना ज़्यादातर लोगों के लिए असंभव होगा लेकिन हक़ीक़त से मुँह मोड़ा नहीं जा सकता है, जिस रफ्तर से दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग का स्तर बढ़ता जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों का हनना हो रहा है।ख़ुद के फ़ायदे के लिए कुदरत से खिलवाड़ किया जा रहा है।उसे देखते हुए 2011जैसी तबाही पुन: मच सकती है। अगर इसी साल सूनामी जैसे विपदा दुनिया पर आती है, तो उससे भारत भी अछूता नहीं रह पाएगा। क्योंकि 2012 की सुनामी में अंडमान-निकोबार द्वीप में तबाही मची थी। भारत के समुद्री इलाक़ों पर ख़तरे के बादल मंडराने लगे थे। 
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