CM योगी का बड़ा ऐलान, अयोध्या बनी भारत की एकता का प्रतीक, 4 महान संतों के नाम से गूंजेगी रामजन्मभूमि

श्रीनाम की नगरी अयोध्या में भक्ति और एकता का भव्य संगम तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर के चार मुख्य द्वारों को भारत के महान संतों के नाम समर्पित करने की घोषणा की. इस दौरान सीएम योगी ने क्या कुछ जानकारी दी जानने के लिए आगे पढ़ें…

Author
09 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:56 PM )
CM योगी का बड़ा ऐलान, अयोध्या बनी भारत की एकता का प्रतीक, 4 महान संतों के नाम से गूंजेगी रामजन्मभूमि

भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भक्ति, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है. जहां उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा की है. CM योगी ने कहा है कि, श्रीराम मंदिर के चार प्रमुख द्वार अब भारत के चार महान संतों के नाम पर समर्पित होंगे. दक्षिण दिशा के द्वार का नाम जगद्गुरु शंकराचार्य, दक्षिण-पूर्व दिशा जगद्गुरु माधवाचार्य, उत्तर दिशा का द्वार जगद्गुरु रामानुजाचार्य, और सुग्रीव किला मार्ग से प्रवेश द्वार जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के नाम से जाना जायेगा.

इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पति कुंड पर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों त्यागराज स्वामीगल, पुरंदरदास और अरुणाचल कवि की भव्य प्रतिमाओं को अनावरण किया. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं.

तीनों संत भारत की एकता का प्रतीक!

सीएम योगी ने आगे कहा कि ये तीनों संत भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं. त्यागराज, पुरंदरदास और अरुणाचल कवि तीनों ने अपनी-अपनी भाषाओं में रामभक्ति को जन-जन तक पहुंचाया. आज उनकी प्रतिमाएं रामलला के चरणों में स्थापित होना, उत्तर-दक्षिण के बीच भक्ति का सेतु बनने जैसा है. मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में उठाया गया ये कदम भारत की भावना को जीवंत रखेगा और देश को समरसता की दिशा में आगे बढ़ाता है.

त्यागराज स्वामी ने तेलुगु में गाए हजारों भक्तिगीत

सीएम योगी ने कहा कि पुरंदरदास को 15वीं सदी में कर्नाटक संगीत का जनक कहा जाता है. उन्होंने व्यापारी जीवन त्यागकर हरिदास संप्रदाय के प्रमुख संत के रूप में लगभग साढ़े चार लाख से भी ज्यादा गानों की रचना की. इनके गीतों ने समाज में भक्ति का संदेश दिया. इतना ही नहीं सीएम योगी ने त्यागराज स्वामी के लिए कहा कि ये कर्नाटक के संगीत की त्रिमूर्ति में प्रमुख स्थान रखते हैं. इन्होंने तेलुगु भाषा में हजारों भक्ति भावना से जुड़े गीत गाए. इन गीतों में भगवान श्रीराम के लिए प्रेम साफ झलकता है. उनके गीतों ने दक्षिण भारत में भक्ति परंपरा को जीवित रखा और आज उनका संदेश पूरे भारत में गूंज रहा है.

'ये आयोजन है भारत की भावनात्मक एकता का प्रतीक'

यह भी पढ़ें

CM योगी ने आगे कहा कि, श्री अरुणाचल कवि ने तमिल भाषा में रामनाटकम् जैसे अमर काव्य के माध्यम से श्रीराम के आदर्शों और उनके मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाया. उनकी ये कृतियां आज भी तमिलनाडु में रामभक्ति का पर्याय मानी जाती हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतिमा अनावरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत की भावनात्मक एकता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत से भी लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे. जो ये नारा लगाते थे कि राम लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Startup का सच बताकर Abhishek Kar ने दे दिया करोड़पति बनने का गुरु मंत्र!
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें