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भारत में बनेंगे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बता दी डेडलाइन! टेक्नोलॉजी पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य किसी देश को पीछे छोड़ना नहीं बल्कि अपनी तकनीक और डिफेंस सिस्टम के जरिए सामरिक शक्ति को बढ़ावा देना है.
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रक्षा क्षेत्र में भारत लगातार अपना विस्तार कर रहा है. नेक्स्ट लेवल के डिफेंस उपकरण और जेट्स की खरीद और निर्माण पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐलान किया है कि भारत में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार किए जाएंगे.
राजनाथ सिंह ने कहा, भारत अपने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट (AMCA) प्रोजेक्ट पर काम करने के साथ-साथ एयरोस्पेस प्रोपल्शन, स्वदेशी विमान और ड्रोन इंजन विकसित करने पर भी जोर दे रहा है.
चुनौतियों के लिए क्या कर रहा भारत?
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने इस दिशा में आने वाली चुनौतियों पर भी बात की. उन्होंने कहा,इस मार्ग पर चुनौतियां जरूर आएंगी, लेकिन देश का संकल्प पूरी तरह अडिग है और भारत अगले दशक में रक्षा निर्माण में एक बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है.
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उन्होंने भारत की घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत और महत्वपूर्ण तकनीकों पर ज्यादा कंट्रोल हासिल करने पर जोर दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों और
जटिल माहौल के बीच टेक्नोलॉजी से युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल की जा सकती है.
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राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि हमारा लक्ष्य किसी देश को पीछे छोड़ना नहीं बल्कि अपनी तकनीक और डिफेंस सिस्टम के जरिए सामरिक शक्ति को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा, ‘बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव करना है.’
स्वदेशी डिफेंस सिस्टम में भारत की कामयाबी
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देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए सरहद की सुरक्षा का मजबूत होना जरूरी है. इसके लिए भारत ने पिछले कुछ साल में देश में ही डिफेंस उपकरण और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों पर काम करना शुरू किया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत स्वदेशी विमान और ड्रोन इंजन विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है. उन्होंने एयरोस्पेस प्रोपल्शन को देश की दीर्घकालिक रक्षा महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया.
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रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि युद्ध के मैदान में बढ़त तकनीकी श्रेष्ठता से तय होगी. उन्होंने कहा कि इसीलिए भारत मौजूदा हथियार प्रणालियों से आगे की सोच रहा है और अगले 10, 20 और 25 वर्षों के लिए क्षमताओं की योजना बना रहा है.
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आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर
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इससे पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत में जो भी चीज बनाई जा सकती है, उसका देश में ही उत्पादन किया जाए और आयात पर निर्भरता कम की जाए. उन्होंने कहा, ‘चिप से लेकर जहाजों तक, स्क्रू से लेकर पूरी हथियार प्रणालियों तक, यही भारत को रणनीतिक स्वायत्तता की ओर ले जाएगा.’ उन्होंने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी डिजाइन, नवाचार और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने को आवश्यक बताया.