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Rafale Deal: भारत ने की बड़ी डिफेंस डील… खरीदे जाएंगे 114 राफेल और P8I विमान, एयरफोर्स और नेवी का दम होगा डबल
रक्षा मंत्रालय की DAC (Defence Acquisition Council) ने फ्रांस के साथ-साथ अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी दे दी है.
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भारतीय सेना अब और मजबूत होने जा रही है. भारत ने एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ाने पर बड़ा फैसला ले लिया है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इस करार के तहत भारत फ्रांस से 114 लड़ाकू राफेल विमान खरीदेगा.
रक्षा मंत्रालय की DAC (Defence Acquisition Council) ने फ्रांस के साथ-साथ अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी दे दी है. वहीं, फ्रांस के साथ रक्षा डील ऐसे समय पर हुई है, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत आने वाले हैं. ऐसे में ये डील दोनों देशों के रिश्ते को और मजबूती देगी.
राफेल डील क्यों जरूरी?
मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत के लिए यह डील बेहद जरूरी थी. वहीं, चीन और पाकिस्तान से मिल रही चुनौतियों के चलते भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. ऐसे में भारतीय वायुसेना के बेड़े में आधुनिक और हाईटेक जेट्स जोड़े जा रहे हैं.
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बड़ा बूस्ट
इस डील की सबसे खास बात ये है कि 18 राफेल जेट्स फ्रांस से लाए जाएंगे. जबकि बाकी 96 भारत में ही तैयार होंगे. ऐसे में ये डील भारत के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को भी बूस्ट देगी और भारत में नौकरियों के नए अवसर मिलेंगे.
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राफेल जेट्स की खासियत क्या है?
राफेल विमान न केवल आसमान बल्कि जमीन पर भी भारतीय सेना को बड़ी ताकत देगा. राफेल फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ अपना दम दिखाया था.
- राफेल 4.5-जनरेशन का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है
- राफेल लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं
- तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं
- मॉडर्न AESA रडार सिस्टम से लैस
- लॉन्ग-रेंज Meteor और SCALP स्टील्थ क्रूज़ मिसाइल से लैस
- उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट की ताकत
जानें P-8I विमानों की खासियत
P-8I एयरक्राफ्ट (Boeing P-8I Poseidon) भारतीय नौसेना के लिए है. यह एक अत्याधुनिक लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम पैट्रोल एंड रिकॉन्सेंस (LRMR) विमान है. यह अमेरिकी Boeing कंपनी ने विकसित किया था. यह मुख्य रूप से एंटी-सबमरीन वारफेयर (पनडुब्बी रोधी युद्ध), एंटी-सर्फेस वारफेयर, खुफिया जानकारी जमा करने (ISR), समुद्री निगरानी और सर्च-एंड-रिस्क्यू मिशनों के लिए इस्तेमाल होता है. यह विमान Boeing 737-800 कमर्शियल एयरलाइनर पर आधारित है, लेकिन इसमें सैन्य-ग्रेड सेंसर, रडार और हथियार सिस्टम लगाए गए हैं. भारत में छड P8I विमान आएंगे. जबकि भारत के पहले से 12 विमान P8I हैं.
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