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ISIS से जुड़े BDS छात्र हारिश अली पर चौंकाने वाले खुलासे... एक नहीं अलग-अलग कॉलेज में चला रहा था आतंक का नेटवर्क
महज 19 साल की उम्र, आंखों पर चश्मा और मासूम सा चेहरा, लेकिन इरादे दहलाने वाले, 16 मार्च को UP ATS ने हारिश अली को आतंकी कनेक्शन के आरोप में अरेस्ट किया था.
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BDS Student Harish Ali: मुरादाबाद के डेंटल कॉलेज से अरेस्ट 19 साल का संदिग्ध आतंकी हारिश अली को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है हारिश अली देशभर की कई कॉलेज में आतंकी नेटवर्क के तार जोड़ रहा था. उसका कनेक्शन अन्य शहरों की कॉलेज तक भी था.
महज 19 साल की उम्र, आंखों पर चश्मा और मासूम सा चेहरा, लेकिन इरादे दहलाने वाले, 16 मार्च को UP ATS ने हारिश अली को आतंकी कनेक्शन के आरोप में अरेस्ट किया था. वह आतंकी संगठन ISIS के लिए ऑनलाइन युवाओं को आतंकी गतिविधियों से जोड़ रहा था. वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप, टेलीग्राम ग्रुप के जरिए छात्रों को ISIS हैंडलर से जोड़ता है.
ATS से पूछताछ में हारिश अली पर चौंकाने वाले खुलासे
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हारिश अली की गिरफ्तारी के बाद ATS उसे पांच दिन की रिमांड पर लखनऊ ले गई. पूछताछ में सामने आया कि वह, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में कई कॉलेज छात्रों के संपर्क में था. वह अपने साथ ऐसे छात्रों को जोड़ रहा था, तो साइबर एक्टिविटी में पारगंत थे और जिहादी इरादे रखते थे. ATS अब हारिश के ऐसे ही साथियों की तलाश कर रही है. जिसमें कई नाबालिग भी हैं.
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हारिश पर एक खुलासा ये भी हुआ है कि वह क्रिप्टो करेंसी के जरिए फंड जुटा रहा था. क्रिप्टो करेंसी के जरिए उसके अकाउंट में लाखों का ट्रांजेक्शन हुआ था. ATS के मुताबिक, हारिश के मोबाइल से पता चला है कि वह बम बनाने की ट्रेनिंग ले रहा था. बम से जुड़े वीडियो भी पाकिस्तान हैंडलर्स ने हारिश को भेजे थे. हारिश अली के लैपटॉप और मोबाइल फोन में भेजे गए लिंक के आईपी एड्रेस सीरिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मिले हैं. वह ऐसी कई वेबसाइट पर एक्टिव था जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले कंटेट को प्रकाशित और प्रसारित करती है.
शरिया कानून का समर्थक
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ATS का कहना है कि हारिश अली ISIS की वेबसाइट और न्यूज चैनल ‘अल नाबा’ (Al-Naba) को भी फॉलो करता था. आतंकियों के भड़काऊ वीडियो को वह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए शेयर करता था. दावा है कि वह सोशल मीडिया पर कई ग्रुप चलाता था, जिसमें फिदायीन हमलों के लिए उकसाया जाता था. हारिश की जिहादी सोच का इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि वह भारत के कानून और संविधान को नहीं मानता है, वह शरिया कानून लागू करने की मुहिम से जुड़ा था. पूछताछ में उसने माना कि वह शरिया कानून में ही यकीन रखता है.
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सहारनपुर का रहने वाला हारिश अली मुरादाबाद की एक कॉलेज से BDS की पढ़ाई कर रहा था. ATS ने उसे कॉलेज से दबोचा. जांच में सामने आया है कि हारिश अली ने 'अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन' नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया था. इसमें वह भड़काऊ वीडियो और कंटेट पोस्ट करता था. इसी के जरिए वह अन्य मुस्लिम लड़कों को ISIS से जुड़ने के लिए मोटिवेट करता था.
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ATS ने कैसे कसा शिकंजा?
हारिश अली सोशल मीडिया ग्रुप्स पर एक्टिव था और उसकी ऑनलाइन एक्टिविटी ही उस पर भारी पड़ गई. ATS खुफिया जानकारी के आधार पर उसे ट्रेस कर उस तक पहुंची. इस दौरान उसकी फॉलोइंग लिस्ट को भी ट्रैक किया गया था. ATS अधिकारियों के मुताबिक, हारिश अली पाकिस्तान और सीरिया में एक्टिव ISIS ग्रुप्स के संपर्क में था. फिलहाल जांच टीम इस मामले को गंभीरता से देख रही है, पूछताछ में हुए खुलासे के बाद ATS की टीम पूरे रैकेट का पता लगी रही है.
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