जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान समर्थित आतंकी मोहम्मद शरीफ मिरासी की संपत्ति कुर्क, हिज्बुल और लश्कर से था जुड़ा

जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए, एसएसपी रियासी परमवीर सिंह की देखरेख में जिला पुलिस रियासी ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संचालक मोहम्मद शरीफ मिरासी, पुत्र गुलाम मोहम्मद, जो मूल रूप से सिलधर माहौर का निवासी है, की संपत्ति जब्त कर ली है."

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17 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:19 PM )
जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान समर्थित आतंकी मोहम्मद शरीफ मिरासी की संपत्ति कुर्क, हिज्बुल और लश्कर से था जुड़ा

जम्मू-कश्मीर के रियासी के माहौर इलाके में पाकिस्तान से संबंध रखने वाले एक आतंकवादी की संपत्ति कुर्क कर ली गई है. पुलिस ने एक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी.

पाकिस्तान से जुड़े आतंकी की संपत्ति कुर्क

बयान में कहा गया, "जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए, एसएसपी रियासी परमवीर सिंह की देखरेख में जिला पुलिस रियासी ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संचालक मोहम्मद शरीफ मिरासी, पुत्र गुलाम मोहम्मद, जो मूल रूप से सिलधर माहौर का निवासी है, की संपत्ति जब्त कर ली है."

हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ा था शरीफ मिरासी

पुलिस के अनुसार, शरीफ मिरासी 2000 में आतंकवादी संगठनों में शामिल हुआ था और 2010 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उद्देश्य से हथियार, गोला-बारूद और प्रशिक्षण हासिल करने के लिए पाकिस्तान भाग गया था. शुरुआत में वह हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ा, लेकिन बाद में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया और सीमा पार से आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने लगा.

पुलिस के आगे कहा, "इस निर्णायक कार्रवाई के तहत, सिलधर माहौर में खसरा संख्या 138 और 150 के अंतर्गत आने वाली 3 कनाल और 6 मरला भूमि को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूए(पी)ए) की धारा 25 के तहत जब्त कर लिया गया. यह कानूनी कार्रवाई पुलिस स्टेशन माहौर में दर्ज एफआईआर संख्या 70/2024 से जुड़ी है, जिसमें धारा 61(2), 148, 149 बीएनएस और यूए(पी) अधिनियम की धारा 13, 18, 20, 38 के साथ-साथ आईएमसीओ अधिनियम की धारा 2/3 के तहत आरोप शामिल हैं."

भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने वाले के लिए कड़ा संदेश

एसएसपी रियासी ने कहा कि यह निर्णायक कदम आतंकवादी संगठनों और उनके सीमा पार संचालकों के रसद, वित्तीय और परिचालन नेटवर्क को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है.

उन्होंने कहा कि संपत्ति की कुर्की उन लोगों को कड़ा संदेश देती है, जो देश के भीतर या बाहर से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं या उनका समर्थन करते हैं.

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बयान में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है. साथ ही, आतंकवादी संगठनों के बुनियादी ढांचे और समर्थन नेटवर्क को निशाना बनाती है.

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