Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

UPI का जलवा बरकरार! सितंबर में 24 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन

UPI: सितंबर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 24.07 अरब हो गई.. वहीं, लेनदेन का कुल मूल्य 18 प्रतिशत बढ़कर 29.37 लाख करोड़ रुपए हो गया.

Image Source: IANS
Loading Ad...

UPI: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 24.07 अरब हो गई.. वहीं, लेनदेन का कुल मूल्य 18 प्रतिशत बढ़कर 29.37 लाख करोड़ रुपए हो गया.

रोजाना करीब 80 करोड़ UPI ट्रांजेक्शन

औसतन सितंबर में यूपीआई के जरिए प्रतिदिन करीब 80.2 करोड़ लेनदेन हुए.. इन लेनदेन का औसत दैनिक मूल्य लगभग 97,913 करोड़ रुपए रहा.अगस्त में यूपीआई लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 24.51 अरब हो गई थी, जबकि लेनदेन का मूल्य 20 प्रतिशत बढ़कर 29.82 लाख करोड़ रुपए रहा था.

Loading Ad...

IMPS से भी बढ़ा फंड ट्रांसफर

Loading Ad...

एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, आईएमपीएस के जरिए तत्काल फंड ट्रांसफर की राशि सितंबर में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 7.06 लाख करोड़ रुपए हो गई है. वहीं, इसके जरिए औसतन प्रतिदिन 1.18 करोड़ लेनदेन हुए, जबकि औसत दैनिक लेनदेन राशि 23,530 करोड़ रुपए रही.

अब पेट्रोल नहीं, EV से गश्त करेगी Police! दमदार Range और फीचर्स ने खींचा ध्यान

Loading Ad...

‘नो UPI डे’ का आह्वान वापस

इसके अतिरिक्त, प्रमुख व्यापारी संगठनों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राष्ट्रीय राजधानी में बैठक के बाद 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का अपना आह्वान वापस ले लिया है.विभिन्न राज्यों के करीब 20 व्यापारिक प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं.

व्यापारियों ने शुल्क को लेकर जताई चिंता

Loading Ad...

व्यापारियों ने कहा कि इस कदम से छोटे और मध्यम कारोबारों पर बोझ बढ़ सकता है और व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को अपनाने पर असर पड़ सकता है.. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चांदनी चौक से सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने किया.

2,000 रुपए तक के UPI भुगतान पर MDR शून्य

एमडीआर केवल 2,000 रुपए से अधिक के पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) लेनदेन पर लागू होता है. 2,000 रुपए तक के लेनदेन पर एमडीआर शून्य बना रहेगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपए तक के लेनदेन यूपीआई के मर्चेंट लेनदेन की कुल संख्या के 96 प्रतिशत से अधिक हैं. इसका मतलब है कि यूपीआई भुगतानों की बड़ी संख्या एमडीआर के दायरे में नहीं आएगी और इसलिए एमडीआर पर कोई जीएसटी भी नहीं लगेगा.

Loading Ad...

छोटे व्यापारियों को राहत

जिन व्यापारियों की मासिक यूपीआई प्राप्तियां 1 लाख रुपए तक हैं, उन्हें एमडीआर का भुगतान नहीं करना होगा.नए यूपीआई ढांचे का व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. राशि कितनी भी हो, सभी पी2पी लेनदेन के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त बना रहेगा..

यह भी पढ़ें

Input - IANS 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...