Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'भारत की कैपेबिलिटी, दूसरे के लिए पॉसिबिलिटी…', ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम में बोले PM मोदी, पावर टू एम्पावर ही हमारी सोच

पीएम मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पावर टू एम्पायर का नारा दिया और कहा कि ये नारा नहीं हमारी सोच है, हमने गवर्नेंस में इसे उतारा है. भारत की कैपेबिलिटी दुनिया के लिए पॉसिबिलिटी है.

PM Modi at Bloomberg New Global Economy Forum/ Image Source-IANS
Loading Ad...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में शामिल हुए. उन्होंने इस दौरान कहा कि वह 'पावर टू एम्पावर' (सशक्त बनाने की शक्ति) के विज़न के साथ ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम में आए हैं. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज असली सवाल यह नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि लोगों के फ़ायदे के लिए उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है. फ़ोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन शक्ति के स्रोत (सोर्स ऑफ पावर) के रूप में उभरे हैं, और उन्होंने लाखों लोगों के लिए अवसर पैदा करने के लिए इनका इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

'पावर टू एम्पावर एक नारा नहीं, भारत की सोच'

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान पावर टू एम्पावर का नारा दिया. यानी कि पावर टू एमपावर अदर्स. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत जितना सक्षम होगा, दुनिया के लिए, मानवता के लिए उतना ही फायदेमंद होगा. भारत ने टेक्नोलॉजी, AI, ग्रीन-रिन्यूअल एनर्जी गोल्स और कोरोना वैक्सीन के मामले में ऐसा करके दिखा दिया है.

Loading Ad...

प्रधानमंत्री ने इस दौरान यह सवाल भी उठाया कि क्या तकनीकी तरक्की से सिर्फ़ कुछ खास लोगों को फ़ायदा होगा या इससे बहुत बड़ी आबादी के लिए मौके बनेंगे. उन्होंने कहा, "क्या टेक्नोलॉजी सिर्फ़ कुछ लोगों को आगे बढ़ने में मदद करेगी, या इससे करोड़ों लोगों के लिए मौके पैदा होंगे? क्या ज्ञान हर किसी की क्षमता को बढ़ाएगा? यहीं से नए विचार जन्म लेते हैं, और यही विचार लोगों को सशक्त बनाने की ताकत रखता है."

Loading Ad...

"भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए"

इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "जो अतिथि विदेश से आए हैं, उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए. हमारे यहां एक स्ट्रीट वेंडर और कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है, उनका स्केल अलग है, लेकिन भारत में ये दोनों डिजिटल पेमेंट के एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. यही इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है."

Loading Ad...

"लोकतंत्र की जननी है भारत"

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत लोकतंत्र की जननी है. भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं. करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज पेपर और प्रकाशन हैं. 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब उपभोक्ता हैं. 500 मिलियन से अधिक विशाल उपभोक्ता हैं. हमारे यहां अलग-अलग मठों पर सामूहिक चर्चा होती है, हमारे यहां अलग-अलग संप्रदायों पर सामूहिक चर्चा होती है. इसमें डिजिटल पावर ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है."

प्रधानमंत्री ने कहा, "2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, अब देश में इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है. करीब आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं. 45 प्रतिशत स्टार्टअप में एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है. यानी इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं, अधिक प्रतिभाएं सामने आ रही हैं."

Loading Ad...

भारत की तरक्की में दुनिया की भलाई: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, "हम दूसरे देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में अपना अनुभव साझा कर रहे हैं ताकि वे अपनी जरूरतों के हिसाब से अपने डिजिटल सिस्टम बना सकें. कोविड-19 के दौरान, हमने 'को-विन' प्लेटफार्म भी बनाया, जो ओपन सोर्स था. हमारी लगातार कोशिश यही है कि भारत की क्षमताएं दूसरे देशों के लिए भी संभावनाओं के नए रास्ते खोलें. दूसरे शब्दों में, हमारी क्षमताओं से मानवता सशक्त होनी चाहिए. दोस्तों, इनोवेशन की ताकत भी ऐसी ही होती है. किसी आइडिया को प्रोडक्ट में और किसी समस्या को समाधान में बदलना अपने आप में एक बड़ी काबिलियत है. लेकिन जब समाज में ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह मौका मिलता है, तो ताकत का संतुलन बना रहता है और इसका असर कई गुना बढ़ जाता है."

Loading Ad...

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि हम किसी की कीमत पर आगे नहीं बढ़ते हैं बल्कि सबके साथ, आगे बढ़ते हैं, ग्रोथ फॉर दी वर्ल्ड है. उन्होंने आगे कहा कि भारत का कॉन्फिडेंस अद्भुत लेवल पर है.'

ये भी पढ़ें: CM योगी बरेली में करेंगे 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान, कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को आपस में नहीं जोड़ा, बल्कि उन्हें अवसरों से भी जोड़ा है. यही 'पावर टू एम्पावर' का सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां तकनीक का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया गया.

Loading Ad...

मानवता की भलाई वाले संगठन भारत ने बनाए

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विभिन्न क्षेत्रों में हमारे काम करने के तरीके को बदल रही है. बढ़ती उम्र से संबंधित चुनौतियां भी बढ़ रही हैं. विश्वास दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है."

Loading Ad...

मोदी ने आगे कहा कि विश्वभर में कई अंतरराष्ट्रीय समूह हैं, लेकिन भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस, बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ, आईएमईसी जैसे समूह बनाए हैं, जो सभी के लिए मददगार साबित हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: UP में मिठाई कारोबार पर नया नियम, 15 अक्टूबर से दुकानदारों को बतानी होगी एक्सपायरी डेट; योगी सरकार का बड़ा फैसला

Loading Ad...

प्रधानमंत्री ने कहा, "एक सूर्य, एक दुनिया और एक नेटवर्क; एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य. हम दुनिया को जोड़ने और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए शक्ति का उपयोग करने को प्राथमिकता देते हैं."

यह भी पढ़ें

उन्होंने आगे कहा, "हमने जीएसटी, दिवालियापन जैसे कई कानूनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है. हमारी सुधार की रफ्तार तेज है. हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक दृढ़ विश्वास है."

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...