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Gold-Silver Price: लगातार टूट रही चांदी, जमीन पर आए सोने के भाव, कीमतों में फिर भारी गिरावट, जानें लेटेस्ट रेट

3 तीन कारोबारी दिनों में सोने के दाम बुरी तरह जमीन पर आए. चांदी की कीमतों में भी अब तक करीब 36 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.

Latest Gold Rate: बजट से पहले ही सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट साफ देखी जाने लगी थी. बजट वाले दिन यानी रविवार एक फरवरी को भी कीमतों में भारी कमी आई. एमसीएक्स पर चांदी के दाम करीब 10 प्रतिशत तक गिर गए. दुनिया भर में धातु बाजार में बिकवाली का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा. जबकि सोने के दाम (Gold Rate) में भी करीब 9% की गिरावट आई और ये 13000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया. 

केंद्रीय बजट 2026-27 के चलते रविवार को विशेष सत्र में एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 22,626 रुपए यानी करीब 8 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 2,69,299 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई. शुरुआती कारोबार में चांदी 2,65,652 रुपए तक गिर गई थी, जिसमें 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. 

सोने-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

रिकॉर्ड ऊंचाई से तुलना करें तो चांदी की कीमतों में अब तक करीब 36 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. यह कीमती धातुओं में चल रही बड़ी गिरावट का हिस्सा मानी जा रही है. तीन कारोबारी दिनों में सोना अपने हाई लेवल से 54,462 रुपये टूटकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 3.59 प्रतिशत यानी 5,368 रुपए की गिरावट के साथ 1,44,285 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. सोने का भाव इंट्रा-डे में 1,36,185 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. 

ट्रंप की एक घोषणा के बाद मार्केट में उथल-पुथल!

कीमती धातुओं की कीमतों में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक घोषणा के बाद आई है. ट्रंप ने कहा कि केविन वार्श, जेरोम पॉवेल की जगह अमेरिका के केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) के नए चेयरमैन बन सकते हैं. 

केविन वार्श को एक सख्त (हॉकिश) सोच वाला व्यक्ति माना जाता है. माना जा रहा है कि वह ब्याज दरों को लेकर अलग रुख अपना सकते हैं. इससे डॉलर मजबूत हो सकता है और आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने-चांदी जैसी धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है. 

सोने और चांदी में आई बड़ी गिरावट की एक और वजह ज्यादा सट्टेबाजी और मुनाफावसूली भी है. इससे पहले कीमती धातुओं में बहुत तेज तेजी आई थी, क्योंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी खरीदी थी. बाजार के जानकारों का कहना है कि ‘बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली होना सामान्य बात है. जब किसी चीज की कीमत उसकी असली मजबूती से काफी आगे निकल जाती है, तो गिरावट आती ही है. मजबूत डॉलर और ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों के कारण निवेशक अब मुनाफा निकाल रहे हैं.’

 

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