UP पुलिस ने जिसे फर्जी IAS समझ किया था गिरफ्तार, वो निकला असली, सच्चाई सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप!
मेरठ के नौचंदी थाने की पुलिस ने फोन कॉल पर मिली शिकायत के बाद एक शख्स को फर्जी IAS के दावे के शक में गिरफ्तार किया था. हालांकि वो जांच में अचली IAS निकला. ऐसे में उसकी सर्विस के बारे में सच्चाई सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
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मेरठ में फर्जी IAS को पकड़ने के मामले बड़ा ट्विस्ट आया है. जिसे पुलिस के अधिकारी, CO साहब फेक IAS अफसर समझकर पकड़ लाए थे वो असली निकला और अब पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. जिस असली अधिकारी को पुलिस उठाकर लाई थी, उसने आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई और मानहानि के मुकदमे की धमकी दी है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 12 मार्च 2026 को मेरठ के नौचंदी थाने की पुलिस को फ़ोन आया. इस फ़ोन के बाद जो हुआ उसने सोशल मीडिया से लेकर टीवी मीडिया, यहां तक की पुलिस मुख्यालय तक में हलचल मचा दी. दरअसल कॉल पर पुलिस को जानकारी मिलती है कि एक शख़्स है, जिसका नाम राहुल कौशिक है और वो नशे में धुत है, हंगामा कर रहा है और अधिकारियों से बार-बार कह रहा है कि वो एक IAS है. राहुल ने पुलिस वालों के सामने ख़ुद को 2008 बैच का IAS अफ़सर बताया था.
हंगामे की शिकायत पर IAS अफसर को पकड़ने पहुंची थी पुलिस!
अब चुकि हंगामा करने की शिकायत मिली थी तो पुलिस ने राहुल कौशिक को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में मेरठ पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाते हुए बक़ायदा प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी और कहा था कि हम लोगों ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, लेकिन अगले ही दिन पूरे मामले में नया Twist आ गया.
फर्जी IAS की गिरफ्तारी मामले में BIG TWIST
पुलिस ने जिसे फ़र्ज़ी IAS समझकर गिरफ्तार किया था वो सच में 2008 बैच के IAS निकला. हालांकि गिरफ्तारी के वक्त वो अपने मूल सेवा से निष्कासन झेल रहे थे. अब पुलिस सोच में पड़ गई कि पूर्व अधिकारी कहें, सिस्टम से लड़ता हुआ अधिकारी कहें या फिर एक असली अधिकारी को फर्जी कहकर गिरफ्तार करने की गलती के लिए SORRY कहें.
IAS की गिरफ्तारी पर परिवार ने क्या कहा?
राहुल की गिरफ़्तारी होते ही परिवार के लोग भी मीडिया के सामने आए. उनके परिवार ने कैमरे के सामने सारे सबूत रख दिए. उनके पास 2008 के UPSC परीक्षा की पासिंग सर्टिफिकेट से लेकर इंडियन पोस्टल सर्विस की ट्रेनिंग तक के दस्तावेज थे. परिवार ने कहा वो फ़र्ज़ी नहीं है. वो असली अधिकारी हैं, जो अपनी सेवा बहाली के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं.
राहुल कौशिक के सर्विस रिकॉर्ड को जान पुलिस में हड़कंप!
जैसे ही परिवार ने सबके सामने राहुल कौशिक के सर्विस रिकॉर्ड रखे, पुलिस के होश फ़ाख्ता हो गए. पुलिस महकमे और जांच अधिकारी पर सवाल उठने लगे कि ये कार्रवाई जल्दीबाज़ी में हुई या फिर मामला कुछ और है. अब मामला CAT यानी सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में है.
सेवा से बर्खास्तगी झेल रहे IAS राहुल कौशिक!
परिवार ने आगे जानकारी दी कि 2017-2018 में राहुल पर नौकरी लगवाने के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप लगा था, ऐसे में 2019 में राहुल कौशिक पर विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें बर्खास्त किया गया था. बर्खास्तगी के खिलाफ उनका मामला अदालत में विचाराधीन है. अब मेरठ पुलिस के लिए चुनौती ये है कि जो व्यक्ति कानूनी रूप से 'सेवा में नहीं है', उस पर 'फर्जी IAS' का मुकदमा किस आधार पर टिकेगा? क्या सिर्फ बोर्ड लगाने से कोई अपराधी बन जाता है ?
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वहीं राहुल कौशिक ने भी प्रकरण के बाद मीडिया के सामने साफ़ कहा है कि वो पुलिस के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें डराने का प्रयास किया गया है, उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, वो डॉक्टर से सलाह के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे.
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