Budget 2026: कैंसर की दवाओं से लेकर विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती, शराब समेत ये चीजें हुईं महंगी, देखें पूरी लिस्ट
मिडिल क्लास की निगाहें इस पर टिकी हैं कि बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ है. जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा.
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Budget Reform Express: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया. वित्त मंत्री ने 85 मिनट तक बजट भाषण दिया. जिसमें टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया. बजट में रेल, इंफ्रा, कार्गो समेत देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाले सेक्टर्स पर सरकार ने खास तौर पर फोकस किया.
मिडिल क्लास की निगाहें इस पर टिकी हैं कि बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ है. जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा.
बजट में क्या हुआ सस्ता?
- विदेश यात्रा पर TCS में कटौती
- पहले पांच फीसदी अब 2 फीसदी TCS
- कैंसर से जुड़ी 17 दवाइयां
- 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती
- CNG गैस सस्ता करने का ऐलान
- बायोगैस को सस्ता करने का ऐलान
- बीड़ी की कीमत सस्ती होगी
- माइक्रोवेव
- सोलर एनर्जी से जुड़े सामान
- जूते, बैग और चमड़े का सामान
- बैटरी सस्ता का ऐलान
- मोटर एक्सीडेंट क्लेम सस्ता
- मोटर एक्सीडेंट क्लेम को टैक्स फ्री करने का ऐलान
- शुगर की दवाइंयां होंगी सस्ती
- हाउसिंग (होम लोन)
- स्मार्टफोन
- मोबाइल कंपोनेंट
- इलेक्ट्रिक टू व्हीलर
- इलेक्ट्रिक कारें
- टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन
क्या हुआ महंगा?
- प्रीमियम फुटवियर
- इंपोर्टेड लग्जरी गुड्स
- ट्रांसपोर्ट लागत
- सब्जी-फल
- सिगरेट
- पान-मसाला
- तंबाकू उत्पाद
- डिजाइनर कपड़े
- हाई एंड घड़ियां
- इंपोर्टेड लग्जरी कारें
मिडिल क्लास के लिए क्या हैं बजट के मायने?
बजट 2026 में कैंसर, विदेश यात्रा, व्यक्तिगत आयात के साथ कई अन्य चीजों पर टैक्स कम किया गया है, जिससे आम आदमी को काफी फायदा होगा. वहीं, कोयला, शराब और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे इन चीजों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी.
बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई हैसाथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष भोजन को आयात शुल्क में छूट दी गई है. वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है.
दूसरी तरफ, आयात शुल्क में इजाफा होने से कबाड़ और खनिज जैसी चीजें महंगे ही जाएंगी. बजट 2026 में सरकार ने शराब (मानव उपभोग के लिए) पर TCS की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है. इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है. ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है.
इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है. इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा.
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