Advertisement

Budget 2026: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को विशेष सौगात, खुशी से झूम उठी कंगना रनौत, बोलीं- विकसित भारत का बजट

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने पर्यटन, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली इन योजनाओं की सराहना की. इन घोषणाओं पर कंगना रनौत ने खुशी जताई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया. यह उनका नौवां बजट है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को तेजी से विकास की राह पर ले जाना है. बजट में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर खास फोकस है।. 

पहाड़ी इलाकों में पर्वतीय ट्रेल्स का ऐलान

बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की गई है. घाटी में नए ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ये ट्रेल्स ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए खास अनुभव देंगे. इसके अलावा, वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ प्रजनन स्थलों पर कछुआ ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे.

इसके साथ ही पूर्वी घाट के अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ये ट्रेल्स पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देंगे. 

बजट पर क्या बोलीं कंगना रनौत?

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने पर्यटन, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली इन योजनाओं की सराहना की. इन घोषणाओं पर कंगना रनौत ने खुशी जताई. उन्होंने कहा, "यह विकसित भारत का बजट है. हम विकसित भारत के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच गए हैं.”

ये योजनाएं स्थानीय रोजगार बढ़ाएंगी

सरकार का मानना है कि भारत में ट्रेकिंग और प्रकृति-आधारित पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं. ये योजनाएं स्थानीय रोजगार बढ़ाएंगी, पर्यावरण की रक्षा करेंगी और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देंगी. ये घोषणाएं हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए खास फायदेमंद साबित होंगी.

10,000 गाइड्स को मिलेगी प्रोफेशनल ट्रेनिंग

पर्यटन क्षेत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार टूर गाइड्स को प्रशिक्षित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा.  यह 12 हफ्ते का उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान के साथ मिलकर दिया जाएगा. 

नेशनल इंस्टिट्यूट और डिजिटल नॉलेज ग्रिड

इसके अलावा, एक राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड तैयार किया जाएगा. इसमें भारत के सभी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत स्थलों की जानकारी डिजिटल रूप से संकलित और उपलब्ध कराई जाएगी. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

अधिक →
अधिक →