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ड्राइवरों और डिलीवरी वालों के लिए चेतावनी! इस राज्य में पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ी नहीं चलेगी
Petrol and diesel vehicles: सरकार का कहना है कि शहरों में बढ़ता धुआं ओर प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. इसी वजह से यह नया नियम लाया जा रहा है. इसका असर टैक्सी चालकों, डिलीवरी वालो ओर बड़ी कंपनिया पर पड़ेगा..
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Petrol and diesel vehicles: हरियाणा सरकार ने लोगों की स्वास्थ्य ओर साफ़ हवा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. साल 2026 से NCR इलाके में नयी पेट्रोल ओर डीजल वाली गाड़ियां टैक्सी या सामान पहुंचाने के काम में इस्तेमाल नहीं की जा सकेंगी. अब इस काम के लिए सिर्फ गैस या बिजली से चलने वाली गाड़ियां ही इस्तेमाल की जा सकेंगी. सरकार का कहना है कि शहरों में बढ़ता धुआं ओर प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. इसी वजह से यह नया नियम लाया जा रहा है. इसका असर टैक्सी चालकों, डिलीवरी वालो ओर बड़ी कंपनिया पर पड़ेगा..
टैक्सी और डिलीवरी वालों को क्या करना होगा?
इस नए नियम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति टैक्सी चलाने या सामान पहुंचाने के लिए नई गाड़ी खरीदता है, तो वह पेट्रोल या डीजल वाली नहीं हो सकेगी। उसे इलेक्ट्रिक या गैस से चलने वाली गाड़ी लेनी होगी.
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हालांकि, जो लोग पहले से पुरानी गाड़ियां चला रहे हैं, वे फिलहाल अपना काम जारी रख सकते हैं. सरकार धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था बदलना चाहती है ताकि लोगों को अचानक परेशानी न हो.
इसके साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कुछ छूट और मदद भी देने की योजना बना रही है. इससे नई गाड़ी खरीदना थोड़ा आसान हो सकता है. आने वाले कुछ सालों में हरियाणा की सड़कों पर साफ-सुथरी और कम प्रदूषण छोड़ने वाली गाड़ियां तेजी से बढ़ सकती हैं.
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सफर होगा ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक
सरकार ने सिर्फ प्रदूषण कम करने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी जोर दिया है. नए नियमों के अनुसार:
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टैक्सी कंपनियों को यात्रियों के लिए बीमा देना जरूरी होगा.
चालकों के लिए स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा की सुविधा रखनी होगी.
हर गाड़ी में मदद मांगने का बटन, प्राथमिक उपचार किट, और आग बुझाने वाला किट रखना अनिवार्य होगा.
चौबीस घंटे सहायता सेवा भी शुरू करनी होगी, ताकि किसी परेशानी में तुरंत मदद मिल सके.