New Traffic Rules: साल में सिर्फ 5 गलती की लिमिट! ट्रैफिक नियम तोड़े तो ड्राइविंग लाइसेंस होगा सस्पेंड

Traffic Rules: सड़क सुरक्षा के लिए यह नया नियम बेहद जरूरी है. बार-बार नियम तोड़ने वालों पर यह कड़ी कार्रवाई उन्हें चेतावनी देगी और सड़क पर सतर्कता बढ़ेगी. साथ ही, आम लोगों को भी सड़क पर सुरक्षित रहने और नियमों का पालन करने की आदत डालेगा.

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26 Jan 2026
( Updated: 26 Jan 2026
04:46 PM )
New Traffic Rules: साल में सिर्फ 5 गलती की लिमिट! ट्रैफिक नियम तोड़े तो ड्राइविंग लाइसेंस होगा सस्पेंड
Image Source: Social Media

New Traffic Rules: भारत में सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ट्रैफिक नियमों को सख्त करने का फैसला किया है. नए संशोधित मोटर व्हीकल नियमों के तहत अब अगर कोई ड्राइवर एक ही साल में पाँच या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है. यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है. सरकार का मकसद है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को रोक कर सड़क पर होने वाले हादसों को कम किया जा सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो.

नया नियम क्या कहता है?

नए नियम के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एक साल की अवधि में पांच या अधिक उल्लंघन दर्ज हो जाएं, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य माना जा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि RTO सीधे लाइसेंस सस्पेंड कर देगा. पहले ड्राइवर को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा. यानी सुनवाई के बाद ही लाइसेंस सस्पेंड होगा. इस नियम में यह भी साफ किया गया है कि पिछले सालों के पुराने ट्रैफिक उल्लंघन इसमें शामिल नहीं होंगे, केवल उसी साल के रिकॉर्ड को ही गिना जाएगा.

किन ट्रैफिक उल्लंघनों पर होगी गिनती?

सरकार ने फिलहाल 24 ट्रैफिक अपराधों को नोटिफाइड किया है. इन उल्लंघनों में अगर किसी ड्राइवर के खिलाफ एक साल के भीतर पांच बार उल्लंघन दर्ज हो जाते हैं, तो उसके लाइसेंस सस्पेंड होने का खतरा बढ़ जाता है. इसमें न केवल बड़े ट्रैफिक अपराध शामिल हैं, बल्कि छोटे नियम तोड़ने के मामले भी गिने जाएंगे. helmet न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, या लाल सिग्नल पार करना जैसी छोटी-छोटी गलती भी अगर बार-बार हो तो यह बड़े उल्लंघन के बराबर माना जाएगा. इसका मतलब है कि छोटी आदतों की अनदेखी भी गंभीर परिणाम ला सकती है.

लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार

इस नए नियम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के पास होगा. इसके साथ ही, कितने समय के लिए लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा, इसका फैसला भी वही अधिकारी करेंगे. पहले यह कार्रवाई सिर्फ फिजिकल चालान के आधार पर होती थी, लेकिन अब e-challan के आधार पर भी ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए भी नियमों का पालन कराया जाएगा और सड़क पर नियम तोड़ने वालों को तुरंत जवाबदेह बनाया जाएगा.

सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए यह नया नियम बेहद जरूरी है. बार-बार नियम तोड़ने वालों पर यह कड़ी कार्रवाई उन्हें चेतावनी देगी और सड़क पर सतर्कता बढ़ेगी. साथ ही, आम लोगों को भी सड़क पर सुरक्षित रहने और नियमों का पालन करने की आदत डालेगा. इससे न केवल दुर्घटनाओं की संख्या घटेगी बल्कि दुर्घटना होने पर होने वाले नुकसान और जनहानि को भी रोका जा सकेगा.

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