×
जिस पर देशकरता है भरोसा

कश्मीर में अलकायदा का सीक्रेट मिशन, ईरान युद्ध की आड़ में कश्मीरी युवाओं को बरगलाने की कोशिश, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

सुरक्षा एजेंसियों ने अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के उस सीक्रेट मिशन को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें ईरान-इजराल युद्ध की आड़ में स्थानीय युवाओं को कट्टपंथ और हिंसा की ओर धकेला जा रहा है.

Author
11 Mar 2026
( Updated: 11 Mar 2026
08:00 AM )
कश्मीर में अलकायदा का सीक्रेट मिशन, ईरान युद्ध की आड़ में कश्मीरी युवाओं को बरगलाने की कोशिश, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को एक साज‍िश के तहत युवाओं को भड़काने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर रहा है. कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र बनाने की साज‍िश कर रहा है. एक्‍यूआईएस युद्ध को एक प्रचार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, ताकि जम्मू-कश्मीर में युवाओं की भर्ती बढ़ाई जा सके. एक्‍यूआईएस ने कई देशों के नाम लिए हैं, जिन्हें वह इस्लाम का विरोधी मानता है.

अलकायदा की कश्मीर के युवाओं से भड़काऊ अपील

भारत, अमेरिका, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों को इस्लाम का साझा दुश्मन बताते हुए अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से एकजुट होने की अपील की है. आतंकी संगठन का कहना है कि कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र (थियेटर) बनाया जाना चाहिए. संगठन ने कहा कि युवाओं को एक साथ आकर कश्मीर से ही इन देशों के खिलाफ लड़ाई शुरू करनी चाहिए. अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (एक्‍यूआईएस) एक उर्दू प्रचार पत्रिका चलाता है और इसके मार्च अंक में उसने यह बताया है कि कश्मीर के युवाओं को विकास से ज्यादा धर्म को प्राथमिकता देनी चाहिए. संगठन ने यह भी नाराजगी जताई कि जब केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया, तब कश्मीर के लोगों ने पर्याप्त विरोध या विद्रोह नहीं किया.

AQIS गजवा-ए-हिंद के एजेंडे को दे रहा है बढ़ावा

इसमें जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र की कोशिशों के बारे में डिटेल में बताया गया है और कहा गया है कि युवाओं को भटकना नहीं चाहिए या यह नहीं भूलना चाहिए कि धर्म सबसे ऊपर है. इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि एक्‍यूआईएस 2014 में अपनी शुरुआत के बाद से आगे बढ़ने में नाकाम रहा है. यह संगठन अफगानिस्तान में जम्मू-कश्मीर में लड़ाई छेड़ने के मुख्य इरादे से बनाया गया था. यह संगठन मानता है कि गजवा-ए-हिंद (भारत को नष्ट करने की अवधारणा) की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से होनी चाहिए. यह तालिबान का उदाहरण भी देता है, जिसने कई बार वैश्विक शक्तियों से लड़ाई लड़ी. एक्‍यूआईएस का कहना है कि कश्मीर जिहाद का प्रवेश द्वार बनना चाहिए और यह आंदोलन पूरे भारत में फैलना चाहिए.

AQIS कश्मीर को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहता है

एक अधिकारी के अनुसार, एक्‍यूआईएस अब हताश हो गया है. उसने कई जगह अपने मॉड्यूल बनाए हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. इसलिए वह ईरान के खिलाफ युद्ध को इस्लाम विरोधी अभियान के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, ताकि कश्मीर में नैरेटिव बदला जा सके और ज्यादा युवा हथियार उठाएं. एक अन्य अधिकारी के मुताबिक एक्‍यूआईएस कश्मीर को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहता है, लेकिन उसकी प्रचार पत्रिका से साफ है कि संगठन इस आंदोलन को पूरे भारत में फैलाना चाहता है.

अनुच्छेद 370 के जरिए युवाओं को भड़काने का प्रयास

अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी योजना को अंजाम देना मुश्किल होगा, लेकिन एक्‍यूआईएस लगातार प्रचार फैलाने की कोशिश कर रहा है. उसका उद्देश्य है कि बार-बार प्रचार करके युवाओं के बीच इसे लोकप्रिय बनाया जाए. सुरक्षा एजेंसियां इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. खासकर यह देखा जा रहा है कि एक्‍यूआईएस अनुच्छेद 370 के मुद्दे को फिर से उभारने की कोशिश कर रहा है. एक अधिकारी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद एजेंसियों ने काफी प्रयास किए, ताकि जम्मू-कश्मीर में हिंसा न फैले.

कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद फैलाने की नई साजिश

यह भी पढ़ें

कई वर्षों से कश्मीर में मौजूद अलगाववादी आंदोलन को रोकना बहुत जरूरी था. अधिकारियों के अनुसार एक्‍यूआईएस अब कोशिश कर रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश में अलगाववादी मानसिकता फिर से लौट आए, इसलिए अनुच्छेद 370 की बहस को फिर से जीवित करने की कोशिश की जा रही है. इन आतंकवादी संगठनों को अब समझ आ गया है कि पहले की तरह कश्मीर में आसानी से हमला करना और चरमपंथ को बढ़ाना अब संभव नहीं रहा. इसलिए घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को फिर से सक्रिय करने की कोशिशें हो रही हैं. जब ये प्रयास ज्यादा सफल नहीं हुए, तो अब झूठा प्रचार फैलाकर और अलगाववादी सोच को वापस लाकर माहौल बदलने की कोशिश की जा रही है, ऐसा अधिकारियों का कहना है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें