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भारत कब आएंगे जेलेंस्की? यूक्रेनी राजदूत का आया जवाब, कहा- इंडिया में दुनिया को शांति की राह दिखाने की क्षमता

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के भारत दौरे के बाद से ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के भी भारत आने की चर्चा तेज होने लगी थी. अब जेलेंस्की के भारत दौरे पर बड़ी अपडेट सामने आई है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच लंबे समय से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) के भारत दौरे को लेकर चर्चा हो रही है. 2025 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बाद से जेलेंस्की को लेकर यह चर्चा और तेज हो गई. इस बीच भारत में यूक्रेनी राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के दौरे पर बड़ा हिंट दिया है. 

ओलेक्सांद्र पोलिशचुक (Ukrainian Ambassador Oleksandr Polishchuk) ने न्यूज एजेंसी IANS से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा, जेलेंस्की भारत आएंगे तो वह रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन का रुख आसानी से समझा पाएंगे. मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में भारत की भूमिका को लेकर यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा, भारत एक बढ़ती हुई ताकत है. बेशक, मौजूदा हालात में भारत के लिए तटस्थता बनाए रखना मुश्किल है. हमारी समझ के हिसाब से आपको सिर्फ आम ट्रेंड्स को फॉलो करने में ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीतिक एजेंडा बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाने की जरूरत है. हमें असल में भारत की जरूरत है, जिसने हमेशा दुनिया में शांति को बढ़ावा देने की अपनी काबिलियत दिखाई है. 

पुतिन के दौरे पर यूक्रेनी राजदूत का बयान 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे थे. इसे लेकर ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा, ‘पुतिन के लिए, यह दिखाने का एक शानदार मौका था कि वह अकेले नहीं हैं, जो सच नहीं है. भारत और रूस के बीच आपसी रिश्तों के लिए, नतीजा बहुत बुरा है क्योंकि रूस भारत के प्रति अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रहा है. हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत दौरे के दौरान, भारत को यह समझाने का मौका मिलेगा कि इस युद्ध में यूक्रेन का क्या रुख है. 

भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक

अब तक भारत क्यों नहीं आए यूक्रेनी राष्ट्रपति? 

यूक्रेनी राष्ट्रपति अब तक भारत दौरे पर क्यों नहीं आए हैं. इस सवाल के जवाब में ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा, प्रधानमंत्री के ऑफिस से पूछना बेहतर होगा. हमारे पास 2024 से पेंडिंग इन्विटेशन है. यूक्रेन के मौजूदा हालात पर पोलिशचुक ने कहा, ‘निश्चित रूप से, युद्ध के कारण यूक्रेन के हालात बहुत मुश्किल हैं. यह एक बड़ा सबूत है कि यूक्रेन की पहचान कोई मिटा नहीं पाएगा. हम कभी हार नहीं मानेंगे, हम यह लड़ाई जारी रखेंगे और जब हम यह युद्ध जीतेंगे, तो यह एक बड़ा सबूत होगा कि यूक्रेन एक ऐसा देश है, जो असल में बहुत बहादुर है और हमारा इतिहास है. हमारे पास ऐसे लोग हैं, जो इस देश के लिए खुद को कुर्बान करने के लिए तैयार हैं. 

रूस-यूक्रेन जंग के 4 साल

रूस और यूक्रेन के बीच जंग को 4 साल पूरे होने वाले हैं. जब जंग शुरू हुई तो माना जा रहा था कि छोटा देश यूक्रेन कुछ दिनों या हफ्तों में रूस के आगे घुटने टेक देगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता और अमेरिकी हस्तक्षेप के बावजूद जंग नहीं थमी. 

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर न होने का जिम्मेदार जेलेंस्की को माना. उन्होंने कहा, यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने वाले संभावित शांति समझौते में रुकावट रूस की तरफ से नहीं, बल्कि यूक्रेन की तरफ से आ रही है. जंग में यूक्रेन के साथ खड़े होने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख बदलता दिख रहा है. ट्रंप ने सीधे जेलेंस्की पर आरोप लगाते हुए कहा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन डील के लिए तैयार हैं, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की इसमें ज्यादा उत्सुक नहीं दिख रहे. 

 

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