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इधर हारे ट्रंप, उधर हिल गया एलन मस्क का सम्राज्य! संपत्ति में भारी गिरावट, रिपब्लिकन के सपोर्ट वाले पोस्ट डिलीट
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क डोनाल्ड ट्रंप के स्टार प्रचारक थे. उन्होंने न केवल रिपब्लिकन पार्टी को सपोर्ट किया साथ ही पार्टी पर पानी की तरह पैसा भी बहाया था.
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जो एलन मस्क डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनाने के लिए उनके साथ मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा लगा रहे थे, अब मिडटर्म इलेक्शन में हार के बाद उन्होंने US प्रेसिडेंट का साथ छोड़ दिया है. अरबपति और टेस्ला CEO मस्क ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिए हैं.
मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. जबकि इन चुनावों में एलन मस्क ने ट्रंप के समर्थन में कम से कम 458 मिलियन डॉलर यानी करीब 4400 करोड़ रुपए खर्च किए थे. अब जब ट्रंप के खेमे में हार आई तो मस्क ने सोशल मीडिया पर रिपब्लिकन के समर्थन में किए गए पोस्ट डिलीट कर दिए.
रिपब्लिकन की हार के बाद मस्क की संपत्ति में बड़ी गिरावट
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रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में मिली रिपब्लिकन पार्टी को हार के बाद एलन मस्क की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. फाइनेंशियल टाइम्स के अनुमान के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ करीब 2.8 लाख करोड़ रुपए घट गई है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क का नेटवर्थ एक दिन में 33 बिलियन डॉलर या 3.7% टूटकर 865 बिलियन डॉलर पर आ गया. हालांकि, वह अब भी दुनिया के सबसे रईस अरबपति बने हुए हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क डोनाल्ड ट्रंप के स्टार प्रचारक थे. उन्होंने न केवल रिपब्लिकन पार्टी को सपोर्ट किया साथ ही पार्टी पर पानी की तरह पैसा भी बहाया था.
मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की पार्टी के प्रदर्शन पर नजर
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- कुल 435 सीटें
- विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी- 253
- रिपब्लिकन पार्टी- 157 सीटें जीती
- 25 सीटों पर अंतिम नतीजे आनी बाकी
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए
- अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके
- डेमोक्रेटिक पार्टी- 20
- रिपब्लिकन पार्टी- 13 सीटें
- बची हुई 2 सीटों पर अंतिम नतीजे आना बाकी
- इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 सीटें
- रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें
गवर्नर चुनाव की कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे
- 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती
- 2 राज्यों में अंतिम नतीजे आना बाकी
ईरान के साथ जंग पड़ी भारी!
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ट्रंप ने माना कि ईरान जंग का असर मिडटर्म चुनाव पर पड़ा है. उन्होंने युद्ध की वजह से बढ़ी महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को भी इसकी वजह बतचाया. ट्रंप ने कहा, लोग नाराथ थे, उन्हें ईंधन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना पसंद नहीं आया.
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वहीं, इस बड़ी हार के बाद ट्रंप से जो सबसे बड़ी पावर छिन गई है वो ये है कि अब वे अकेले कोई मनमाना फैसला नहीं ले पाएंगे. किसी भी बिल को अपनी मर्जी से पास नहीं करवा पाएंगे. सुपर पावर राष्ट्रपति से पावरलेस प्रेसिडेंट बन गए हैं जो उनके राजनीतिक प्रभाव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि एक बात ये भी है कि पिछले 21 मिडटर्म चुनावों में सत्ताधारी पार्टी 19 बार हारी है. केवल दो ही चुनावों में जीत मिली. 1998 बिल क्लिंटन और 2002 में जॉर्ज बुश की पार्टियों को मिडटर्म चुनावों में जीत मिली थी.