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ट्रंप का डबल स्टैंडर्ड? भारत-चीन पर 100% टैरिफ वाला कानून बनाने वाला अमेरिका, रूस से खरीदेगा लाखों टन डीजल
भारत और चीन जैसे देशों पर रूसी तेल खरीदने को लेकर 100% टैरिफ लगाने की धमकी देने वाला अमेरिका अब खुद रूस से डीजल खरीदेगा. ट्रंप ने डील के बाद पुतिन को धन्यवाद दिया है. ऐसे में अमेरिकी डबल स्टैंडर्ड पर सवाल उठने लगे हैं.
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अमेरिका की कथनी और करनी में कितना फर्क है, उसका सबूत उसने खुद दे दिया है. एक ओर रूस से तेल और गैस खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया और कानून बना दिया और अब जब खुद पर महंगाई की मार पड़ी, तेल के दाम बढ़े, किसानों को दिक्कत हुई, डीजल की किल्लत हुई और चुनाव में हार का खतरा मंडराया तो रूस से डीजल खरीदने का बड़ा फैसला ट्रंप ने किया है. और तो और ट्रंप रूस से डीजल मिलने पर फूले नहीं समा रहे हैं.
अमेरिका की कथनी और करनी में दिख गया बड़ा अंतर!
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आपको बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक के लिए हटा दी है. रूस-यूक्रेन जंग के बीच अब अमेरिका भारी मात्रा में रूस से डीजल खरीदेगा. 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिया था.
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रूस से लाखों टन डीजल खरीदेगा अमेरिका!
इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह है अमेरिका में बढ़ रही डीजल की कीमतें. ईरान के साथ जंग के बाद डीजल की कीमतें दोगुनी तक बढ़ गईं. ख़बर के मुताबिक अमेरिका में फिलहाल डीजल करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा है, जबकि जंग से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर थी. अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं. और इसे जीतने के लिए ट्रंप एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. उनके लिए महंगाई सिर-दर्द बन गई हैं.
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वहीं ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिका को डीजल सप्लाई करने वाले एक बड़े तेल समझौते के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की आलोचना के बावजूद इस समझौते का बचाव किया.
ईरान जंग के बाद अमेरिका में आसमान छू रही हैं डीजल की कीमतें!
ट्रम्प ने बताया कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा. इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी. ट्रम्प के मुताबिक, अगर सबकुछ ठीक रहा तो आगे चलकर 30 लाख टन डीजल भी भेजा जा सकता है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ हुआ ऊर्जा समझौता अमेरिकी सप्लाई और वैश्विक तेल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
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ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि आपने रूस के साथ हुए तेल समझौते के बारे में सुना होगा. यह बहुत बड़ा समझौता है. हमारे देश में भारी मात्रा में तेल आ रहा है. और मैं ईमानदारी से राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं." उन्होंने कहा कि हमारे देश में बड़ी मात्रा में तेल आ रहा है और यह डीजल है, जिसकी हमें जरूरत है. इसलिए धन्यवाद.
ट्रंप ने पुतिन को कहा थैंक्यू!
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब एक पत्रकार ने जेलेंस्की की आलोचना का जिक्र किया. रिपोर्टर के मुताबिक, जेलेंस्की ने इस समझौते को लेकर ट्रंप को कमजोर बताया था. ट्रंप ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका को ऊर्जा सप्लाई की जरूरत है और खास तौर पर डीजल की अहम भूमिका है. उन्होंने दावा किया कि इस समझौते की वजह से ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ रही है.
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जहां तक यूक्रेन की प्रतिक्रिया की बात है तो अमेरिका और रूस के बीच हुए तेल समझौते की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कड़ी आलोचना की. इस समझौते के तहत रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा. जेलेंस्की का कहना है कि इससे रूस को अतिरिक्त आय मिलेगी, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से कमाई का मौका देना शांति की दिशा में कदम नहीं है, बल्कि इससे मॉस्को की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी.
उन्होंने लिखा, "पुतिन को दिए गए तोहफे न तो शांति लाएंगे और न ही सभ्य दुनिया को कोई फायदा पहुंचाएंगे." जेलेंस्की ने कहा, "रूस इस डीजल की कीमत और ज्यादा आतंक और विश्वासघात से चुकाएगा. रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देना उस युद्ध में निवेश करने जैसा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि लंबा खींचा जाना चाहिए."
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मिडटर्म चुनाव से पहले भारी मुसीबत में ट्रंप!
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बड़े समझौते के तहत रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को लाखों टन डीजल की आपूर्ति करेगा. ट्रंप ने दावा किया था कि इससे ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी.
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यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब यूक्रेन का एक वार्ता प्रतिनिधिमंडल फ्लोरिडा में अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ दो दिनों की बातचीत कर रहा था. इन चर्चाओं में युद्ध खत्म करने के संभावित रास्तों पर बात हुई, जिसमें ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल था.
क्या है अमेरिका और रूस के बीच डीजल डील!
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शुक्रवार दोपहर 'ट्रुथ सोशल' पर की गई पोस्ट में ट्रंप ने पुतिन के साथ अपनी बातचीत को बेहद सफल बताया और डीजल आपूर्ति की योजना का ब्योरा दिया.
ट्रंप ने लिखा, "मैंने अभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बेहद सफल बातचीत पूरी की है. इसके तहत रूस तुरंत तीन लाख टन से अधिक डीजल अमेरिकी और वैश्विक बाजार में भेजेगा, नवंबर के दौरान पांच लाख टन और उसके बाद तुरंत 10 लाख टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति करेगा."
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अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भी रूसी डीजल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने वाला लाइसेंस जारी किया है, जिससे इस आपूर्ति व्यवस्था को लागू करने में मदद मिलेगी. जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा के समय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों के साथ युद्ध समाप्त करने के रास्तों पर चर्चा कर रहा था, उसी दौरान इस तरह की घोषणा बेहद चिंताजनक है. उन्होंने संकेत दिया कि फ्लोरिडा में चल रही यूक्रेन-अमेरिका वार्ता शायद वाशिंगटन और मॉस्को के बीच हुए इस समझौते के लिए 'ध्यान भटकाने वाले पर्दे' की तरह इस्तेमाल की जा रही हो.