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ईरान में बड़ा संकट- 32,000 लोग हुए बेघर, अफगानिस्तान में ली शरण, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में आए मानवीय संकट के कारण 32,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं और अपनी जान बचाने के लिए अफगानिस्तान में शरण लेने को मजबूर हैं.

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संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने बताया कि ईरान में बिगड़ते हालात की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ कर दूसरे देश जा रहे हैं. कई शहरों में घर और जरूरी सेवाओं से जुड़ी इमारतें तबाह हो गई हैं, इसलिए लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल रहे हैं.

युद्ध के बीच ईरान से पलायन शुरू 

रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग देश के उत्तरी इलाकों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां हालात कुछ सुरक्षित हैं. एजेंसी ने बताया कि लोग ईरान के 20 से ज्यादा प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर शरण ले रहे हैं और राहत शिविरों पर दबाव बढ़ रहा है.

32,000 लोग अफगानिस्तान और 4,000 पाकिस्तान पहुंच चुके हैं

इसके अलावा, कई लोग पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं. करीब 32 हजार लोग अफगानिस्तान और लगभग 4 हजार लोग पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि कई हवाई अड्डे और बॉर्डर अभी बंद हैं. वहीं, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने बताया कि पूरे ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24,500 से ज्यादा सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 20,000 आवासीय इकाइयां, 4,500 व्यावसायिक केंद्र और 69 स्कूल शामिल हैं.

अमेरिका-इजरायल हमले में 223 महिलाओं और 202 बच्चों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारी गई हैं, जिनमें तीन गर्भवती भी शामिल हैं. फार्स न्यूज एजेंसी के बयान में कहा गया है कि मारे गए12 बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे.

इजरायल में भी बड़ी संख्या में नागरिक घायल

दूसरी ओर, इजरायल में भी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ लड़ाई की वजह से 108 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया. इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक, 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 81 अभी अस्पताल में हैं.

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