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इजरायल ने ईरान के सबसे ताकतवर शख्स लारीजानी को मार गिराया, मोजतबा खामेनेई को भी खत्म करने का लिया संकल्प
Iran-Israel War: ईरान के सुप्रीम लीडर की आंख-नाक-कान माने जाने वाले सबसे ताकतवर शख्स अली लारिजानी की इजरायली हमले में मौत हो गई है. IRGC ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है. इतना ही नहीं IDF ने नए सुप्रीम लीडर को भी ढूंढकर खत्म करने का प्रण लिया है.
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ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच करीब 19 दिनों से जारी जंग के बीच इजरायली सुरक्षाबलों को एक अहम और रणनीतिक सफलता हासिल हुई है. दरअसल इजरायल ने बीते दिन ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी को एक सटीक हमले में मार गिराया. उनकी मौत को इस लड़ाई में अहम प्वाइंट माना जा रहा है. उन्हें पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद उन्हें दूसरा सबसे अहम व्यक्ति माना जाता था.
यहां तक की IRGC, खुफिया एजेंसियों और सेना पर भी उनका प्रभाव था और उन्हें सुप्रीम लीडर की आंख-नाक-कान कहा जाता था. उनके साथ-साथ उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी, काउंसिल के सचिवालय में सुरक्षा मामलों के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात और कई अन्य लोग भी मारे गए.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि उसके सचिव अली लारीजानी एक हमले में मारे गए हैं. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बुधवार सुबह इस रिपोर्ट की जानकारी दी. तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, एक बयान में काउंसिल ने कहा कि लारीजानी की मौत मंगलवार सुबह हुई.
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इसी बीच इजराइल ने ऐलान किया है कि वो ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को ढूंढकर खत्म कर देगा. IDF के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने स्वीकार किया कि वैसे तो फिलहाल उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इजराइल उन्हें भी मार गिराएगा. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि उसके सचिव अली लारीजानी एक हमले में मारे गए हैं. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बुधवार सुबह इस रिपोर्ट की जानकारी दी.
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लारीजानी के साथ-साथ कई टॉप ईरानी अधिकारी ढेर
तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, एक बयान में काउंसिल ने कहा कि लारीजानी की मौत मंगलवार सुबह हुई. उनके साथ उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी, काउंसिल के सचिवालय में सुरक्षा मामलों के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात और कई अन्य लोग भी मारे गए.
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इतना ही नहीं लारीजानी के अलावा बसीज स्वयंसेवक बल के प्रमुख घोलमरेज़ा सोलेमानी की मौत अमेरिका-इजरायल के एक हमले में हो गई. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को पुष्टि की. ये मौतें 28 फरवरी से ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच हुई हैं. इन हमलों के जवाब में, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मध्य पूर्व में इजरायली और अमेरिकी हितों पर हमले किए.
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को किया खारिज!
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ किसी भी नए संपर्क की बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ तनाव कम करने या संघर्ष विराम पर बातचीत करने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया.
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तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने पहली बार इजरायल के खिलाफ एक नई 'हाज कासिम' बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की. इसे एक सटीक-निर्देशित हथियार बताया गया है, जिसका नाम मारे गए कमांडर कासिम सोलेमानी के नाम पर रखा गया है.
नेतन्याहू ने ईरानी शासन को अक्षम बनाने का किया दावा
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर एक वीडियो साझा कर दो आतंकवादी को मार गिराने का दावा किया है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के टॉप लीडर में एक अली लारिजानी भी शामिल हैं.
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नेतन्याहू एक्स पोस्ट में कहा है, "मैं यहां इजरायल के रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ स्टाफ, मोसाद के प्रमुख, वायुसेना प्रमुख और हमारे वरिष्ठ कमांडरों के साथ हूं. पिछले 24 घंटों में हमने इस अत्याचार के दो सबसे बड़े आतंकवादी सरगनाओं को मार गिराया है. इसका उद्देश्य ईरान के बहादुर लोगों को अग्नि पर्व (नवरोज) मनाने में सक्षम बनाना है. तो जश्न मनाएं और नवरोज मुबारक हो. हम ऊपर से देख रहे हैं."
बासिज फोर्च पर ईरान में प्रोटेस्ट को कुचलने का आरोप
इसके पहले 17 मार्च को बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा था, "मंगलवार सुबह हमने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख अली लारिजानी को खत्म कर दिया. वह समूह जो वास्तव में ईरान को चला रहा है. साथ ही साथ बासिज के कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी को भी कार्रवाई में खत्म कर दिया गया है. ये वही लोग हैं, जो ईरानी शहरों में जनता को आतंकित कर रहे हैं."
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ईरानी रिजीम को हटाने का प्रण!
उन्होंने कहा था कि हम इस शासन को कमजोर कर रहे हैं ताकि ईरानी जनता को इसे हटाने का अवसर मिल सके. यह तुरंत नहीं होगा और आसान भी नहीं होगा, लेकिन अगर हम लगातार प्रयास करेंगे, तो उन्हें अपनी किस्मत खुद तय करने का मौका मिलेगा.
उन्होंने कहा था कि इस कार्रवाई से हम अपने अमेरिकी दोस्तों की खाड़ी में मदद कर रहे हैं. मैंने इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत की. हमारी वायुसेना और नौसेना के बीच, और मेरे तथा राष्ट्रपति ट्रंप और उनके स्टाफ के बीच आपसी सहयोग है. हम अप्रत्यक्ष हमलों के माध्यम से दबाव डालेंगे और सीधे कार्रवाई के माध्यम से भी. अभी और भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आएंगी. नेतन्याहू ने कहा था, ''रणनीतियों के जरिए ही युद्ध जीता जाता है. हम यहां अपनी सारी रणनीतियां नहीं बताएंगे, लेकिन जैसा कि मैंने आपसे कहा, हमारे पास ऐसी बहुत सी रणनीतियां हैं.''
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