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अमेरिका संग बातचीत को तैयार ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रख दी ऐसी शर्तें कि हिल जाएंगे ट्रंप!
अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान राजी तो हुआ है लेकिन कई शर्तें रख दी हैं. इन शर्तों में इजरायल, होर्मुज और जंग को लेकर बड़ी मांग की गई है.
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Iran-US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिक्कत ये है कि वह किसी देश की शर्त को उसकी हार मान लेता है. सामने वाला बातचीत के लिए शर्त रखता है और ट्रंप को लगता है कि वह मुल्क उनके सामने झुक गया. ईरान के साथ संघर्ष में भी ट्रंप का ये ही मानना था, वह बार-बार कहते रहे कि ईरान हमारे सामने झुक गया और वह गुहार लगा रहा है, लेकिन सच्चाई तो ये है कि ईरान शर्तों के साथ बातचीत के लिए तैयार हुआ है.
ईरान नई शर्ते के अनुसार, अमेरिका से खुद सीधे तौर पर बात नहीं करेगा. उसने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से बातचीत का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव में ईरान ने अपनी कई अहम शर्तें रखी हैं. जिसका असर अमेरिका-इजरायल के रिश्तों पर भी पड़ेगा.
अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान ने क्या शर्त रखी?
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ईरान की सबसे बड़ी शर्तों में से एक ये भी है कि हमलों को तुरंत रोका जाए. इसके अलावा अमेरिका ईरान पर हमले रोकने के लिए दबाव बनाए. साथ ही साथ अमेरिका ईरान को ये भरोसा भी दे कि आगे हमले नहीं किए जाएंगे. यानी ईरान ये आश्वासन चाहता है कि इजरायल और अमेरिका भविष्य में हमला न करें.
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ईरान ने अपनी नई डिमांड में होर्मुज को लेकर भी बड़ी मांग की है. ईरान चाहता है कि होर्मुज पर पूरा नियंत्रण ईरान के पास आ जाए. ईरान ने युद्धविराम के लिए अपनी शर्तें साफ तौर पर बता दी हैं. अगर अमेरिका और इजरायल इन शर्तों को मानेंगे तभी जंग पर अस्थायी रोक लग सकती है.
किन देशों के जरिए होगी ईरान-अमेरिका में बातचीत?
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अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस बातचीत में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र मध्यस्था करेंगे. ये सभी देश सुनिश्चित करें कि अमेरिका ईरान की चिंताओं और शर्तों को गंभीरता से सुने. जंग के बीच ईरान का यह बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है.
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ईरान और अमेरिका के बीच एक महीने से जंग जारी है. 28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था. जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनई की भी मौत हो गई थी. उनके साथ-साथ ईरानी सेना के टॉप कमांडर और बड़े नेता भी मारे गए. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिडिल ईस्ट के जरिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में अब तक 1900 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.