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‘मिडिल ईस्ट में फिर से हमला हुआ तो…’, पुतिन ने ट्रंप को दी ऐसी चेतावनी, जिसे सुनकर झूम उठेगा ईरान!
पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी नए हमले का अंजाम गंभीर होगा, जो सीधे तौर पर ईरान के रणनीतिक पक्ष को मजबूती देता है.
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मिडिल ईस्ट में भीषण संघर्ष के बाद अब बातचीत की मेज पर मुद्दों को सुलझाया जा रहा है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है. दोनों तरफ से धमकियों का दौर अभी भी जारी है और कोई भी झुकने को तैयार नहीं है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई, जिसमें वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. लगभग 90 मिनट तक चली इस लंबी बातचीत में यूक्रेन संघर्ष, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और मिडिल ईस्ट के हालात चर्चा के केंद्र बिंदु रहे.
ईरान परमाणु मुद्दे पुतिन करेंगे मध्यस्थता
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, बातचीत के दौरान पुतिन ने ईरान के पास मौजूद 970 पाउंड यानी कि लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम के भंडार से जुड़ी चिंताओं को सुलझाने के लिए रूस को एक 'तीसरे पक्ष' (मध्यस्थ) के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दोहराया. वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने न्यूक्लियर एनरिचमेंट से जुड़ी वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जताई.
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ट्रंप की पुतिन से अपील- संघर्ष विराम में साथ दें
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इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पुतिन के प्रस्ताव को सुना, लेकिन उनकी प्राथमिकता यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, "मैंने पुतिन से कहा कि मेरे लिए यूक्रेन में संघर्ष विराम ज्यादा जरूरी है और मैं चाहूंगा कि वह इसे खत्म करने में शामिल हों”.
पुतिन ने युद्धविराम का दिया संकेत
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दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत में एक सकारात्मक पल तब आया जब पुतिन ने ‘विजय दिवस’ के मौके पर युक्रेन में युद्धविराम का ऐलान करने का संकेत दिया, जिसका ट्रंप ने पुरजोर समर्थन किया. दोनों नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के प्रशासन पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और पुतिन दोनों इस बात पर सहमत दिखे कि वर्तमान यूक्रेनी सरकार का रवैया संघर्ष को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने वाला है.
मिडिल ईस्ट पर पुतिन की 'दो टूक' चेतावनी
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इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा. मिडिल ईस्ट के मुद्दे पर पुतिन का रुख साफ कड़ा दिखा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ट्रंप से कहा कि यदि अमेरिका और इजराइल इस क्षेत्र में फिर से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का सहारा लेते हैं, तो इसके परिणाम "बेहद विनाशकारी" होंगे. अब विशेषज्ञों का कहना है कि पुतिन की इस बात से ईरान को राहत और ताकत दोनों ही मिलेगी.