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डच राजकुमारियों के मर्डर की खौफनाक साजिश, 'नाजी' लिंक से दहला यूरोप, पुलिस ने टाला बड़ा हमला, संदिग्ध गिरफ्तार
डच की शाही परिवार की दो राजकुमारी कैथरीना अमालिया और एलेक्सिया की हत्या की साज़िश को नाकाम कर दिया गया है. यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध इंसान को हिरासत में लिया गया है.
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नीदरलैंड्स में एक चौंकाने वाली साज़िश का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है. एक 33 साल के संदिग्ध इंसान को हिरासत में लिया गया है. जिस पर डच की शाही परिवार की दो राजकुमारी कैथरीना-अमालिया और एलेक्सिया की हत्या की साज़िश रचने का आरोप है. फ़िलहाल शुरुआती जाँच में जो सबूत सामने आए हैं, उसने इस मामले को और भी भयावह बना दिया है.
कुल्हाड़ियों पर लिखे नाम और नाज़ी संकेत
जांच एजेंसियों की मानें तो संदिग्ध के पास दो कुल्हाड़ियां बरामद हुईं, जिन पर एलेक्सिया, मोसाद और सीग हील जैसे शब्द लिखे थे. सीग हील नाजी विचारधारा से जुडा माना जाता है, जो इस साज़िश के पीछे धुर-दक्षिणपंथी चरमपंथ की और इशारा करता है. इसके अलावा आरोपी के पास से हाथ से लिखा हुआ एक नोट भी मिला, जिसमें अमालिया, एलेक्सिया और ‘ब्लडबाथ’ जैसे शब्द दर्ज थे. जो इस हमले की गंभीरता को दिखाते हैं.
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घटना के बाद शाही परिवार की बढ़ाई गई सुरक्षा
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बता दें कि आरोपी को फरवरी में द हेग में गिरफ़्तार किया गया था, लेकिन उसकी योजना कितनी कितनी भयानक थी, ये अब जाकर सामने आया है, अब उसकी शुरुआती सुनवाई सोमवार को होनी है, हालांकि फ़िलहाल अधिकारियों ने अभी तक इस साज़िश के पीछे की ठोस वजह का खुलासा नहीं किया है, लेकिन जो सबूत हाथ लगे हैं, उसने इसे एक संगठित और ख़तरनाक प्लानिंग के रुप में स्थापित कर दिया है. वैसे इस घटना के बाद शाही परिवार की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है.
खतरे के बावजूद राष्ट्रीय पर्व कोनिंग्सडैग समारोह को नहीं किया रद्द
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शाही परिवार ने खतरे के बावजूद राष्ट्रीय पर्व कोनिंग्सडैग समारोह को रद्द नहीं किया. विलेज-अलेक्जेंडर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस दिन पर शाही परिवार ने जनता के बीच जाकर कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. ये कदम एक मज़बूत मैसेज के रुप में देखा जा रहा है कि डर के आगे झुकना नहीं है.
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब नीदरलैंड की रानी अमलिया की सुरक्षा खतरे में है. इससे पहले भी उन्हें कई गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ा है, जिनमें ड्रग कार्टेल द्वारा तत्कालीन डच प्रधानमंत्री मार्क रुट्टे (जो वर्तमान में नाटो के महासचिव हैं) के साथ उनका अपहरण करने की कथित साजिश भी शामिल है.
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2020 में, एक व्यक्ति द्वारा रेप और हिंसा की धमकी भरे संदेश भेजे जाने के बाद उन्हें छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा. वहीं साल 2022 मेंअधिकारियों ने अमलिया और रुट्टे को निशाना बनाने वाले गिरोह के सदस्यों के बीच संचार को इंटरसेप्ट किया. उसी साल, सुरक्षा चिंताओं के कारण उन्हें एम्स्टर्डम में अपने छात्र आवास को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, और रानी मैक्सिमा ने उन्हें हेग में कड़ी सुरक्षा वाले शाही महल में स्थानांतरित कर दिया.
2024 में, लगातार सुरक्षा चिंताओं के कारण अमलिया अपनी पढ़ाई पूरी करने और अधिक व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अनुभव करने के लिए गुप्त रूप से मैड्रिड चली गईं.
रानी मैक्सिमा ने बेटी को लेकर क्या कहा?
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रानी मैक्सिमा ने अपनी बेटी पर इसका क्या असर पड़ रहा है, उसके बारे में बताते हुए कहा, "वह एम्स्टर्डम में नहीं रह सकती और वह वास्तव में महल से बाहर नहीं जा सकती. इसका उसकी ज़िंदगी पर बहुत गहरा असर पड़ा है.” और बताया कि उनकी बेटी अब एम्स्टर्डम में नहीं रह सकती और महल के बाहर आज़ादी से घूम भी नहीं सकती.
प्रिंसेस कैथरीना-अमालिया ने क्या कहा था?
लंबे समय से लागू सुरक्षा प्रतिबंधों के प्रभाव के बारे में बात करते हुए, प्रिंसेस कैथरीना-अमालिया, जिन्हें प्रिंसेस ऑफ ऑरेंज की उपाधि प्राप्त है, ने पहले कहा था कि उन्हें उन रोज़मर्रा के अनुभवों की बहुत याद आती है जिन्हें उन्हें छोड़ना पड़ा है: “मुझे सामान्य जीवन, एक छात्रा का जीवन याद आता है – सड़कों पर घूमना, दुकान जाना.”
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जांच से कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं
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यह घटना केवल एक साजिश का मामला नहीं है, बल्कि यूरोप में बढ़ते चरमपंथ और संगठित अपराध के खतरनाक मेल का संकेत भी देती है. डच शाही परिवार पर बार-बार मंडराते खतरे यह दिखाते हैं कि आधुनिक लोकतंत्रों में भी उच्च-प्रोफाइल हस्तियां पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई और जांच से कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं. हालांकि इस साज़िश को समय रहते नाकाम कर दिया गया, लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है. एजेंसियां जांच में जुटी हैं, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है.