होर्मुज पर हमले तेज, बारुदी सुरंग से टकराया तेल टैंकर, बीच समंदर जबरदस्त धमाके, एक हफ्ते में 14 जहाज तबाह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैंकर में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल भरा था. ईरान का कहना है कि टैंकर अवैध रास्ते से गुजर रहा था.
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ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर है लेकिन होर्मुज में तनाव कम नहीं हो रहा. इस तेल मार्ग से जहाजों का गुजरना अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. इसी कड़ी में एक और तेल टैंकर होर्मुज की बारुदी सुरंग से टकरा गया.
सुरंग से टकराने के बाद यह तेल टैंकर तबाह हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैंकर में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल भरा था. ईरान का कहना है कि टैंकर अवैध रास्ते से गुजर रहा था. जिसकी वजह से वह बारुदी सुरंग से टकरा गया.
IRGC ने पहले ही दी थी चेतावनी
इससे पहले IRGC ने दावा दिया किया था जो भी टैंकर ईरान अधिकृत रूट से नहीं जाएगा तो वह अटैक का शिकार हो सकता है. वहीं, अगर टैंकर दूसरे रूट से पार करने की कोशिश करेगा तो उसे जोखिम भरे रास्तों से गुजरना होगा. जहां बारुद से भरी माइंस हैं. IRGC की चेतावनी के बाद टैंकर ने इस रास्ते से गुजरने की कोशिश की और वह बारुदी सुरंग से टकरा गया. तेल टैंकर ने अपने GPS और रडार सिस्टम बंद कर दिए थे. बताया जा रहा है सुरंग से टकराने के बाद विशाल तेल टैंकर में ब्लास्ट हो गया.
इससे पहले शनिवार को इसी मार्ग से गुजर रहा एक और तेल टैंकर भी बारुदी सुरंग से टकरा गया था. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के अनुसार, रविवार सुबह यमन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तट के पास दो जहाजों पर हमले हुए.
एक हफ्ते में 14 जहाज क्षतिग्रस्त
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं. इससे पहले शनिवार को ईरान के सुरक्षा बलों ने तीन जहाजों में आग लगने की सूचना दी थी. इनमें से दो जहाज होर्मुज के भीतर या उसके आसपास समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए थे.
यूकेएमटीओ की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 8 से 14 अक्टूबर के बीच करीब 14 जहाजों पर हमले हुए. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू होने के बाद यह एक सप्ताह में जहाजों पर हमलों की सबसे ज्यादा संख्या है. 11 अक्टूबर को एक ही दिन में कम से कम छह जहाजों को निशाना बनाया गया.
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इन घटनाओं के साथ 1 मार्च से अब तक दर्ज समुद्री सुरक्षा संबंधी घटनाओं की संख्या बढ़कर 149 हो गई है. हमलों के बीच इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी गिरावट आई है.