PM नेतन्याहू का अलर्ट... फिर फ्लाईदुबई की फ्लाइट में सनसनीखेज हमला! इजरायल चुनाव से क्यों जुड़ रहा घटनाक्रम?
फ्लाईदुबई फ्लाइट में हमले के बाद इजरायल में सियासी बहस तेज हो गई. नेतन्याहू की चेतावनी से घटना जोड़ने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं. चुनाव से पहले यह विवाद और गहरा गया है.
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तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को जो कुछ हुआ उसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की. विमान में 174 यात्री सवार थे जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे. इस घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू की उस चेतावनी से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इजरायल में चुनाव से पहले इस तरह का कुछ ऐसी घटना घट सकती है.
फ़्लाइट में क्या हुआ था?
जानकारी के मुताबिक फ्लाइट ने सुबह दुबई से उड़ान भरी थी. सब कुछ सामान्य चल रहा था तभी कॉकपिट में अचानक झड़प शुरू हो गई. ओमानी नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया. इस दौरान विमान 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे गिर गया और महज 30 सेकंड में हालात बेकाबू हो गए. विमान ने पहले 7700 इमरजेंसी कोड और फिर 7500 हाईजैक कोड भेजा. इजरायल ने तुरंत फाइटर जेट रवाना किए. इस खौफनाक मंजर में कैप्टन स्मित मच्छर ने जख्मी होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी. खून से लथपथ जमीन पर पड़े होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. तभी यात्रियों और क्रू ने अंदर घुसकर हमलावर को काबू में किया. यात्रियों ने उसे हेडफोन और केबल से बांध दिया. विमान में मौजूद दो अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया.
PM नेतन्याहू ने की घायल पायलट से मुलाकात
आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इजरायल पहुंचने पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद कैप्टन और यात्री यानिव हयून से मुलाकात की और उन्हें हीरो बताया. नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन की बहादुरी ने बड़ी तबाही को रोक दिया. अब इस घटना के बाद इजरायल में सियासी बहस तेज हो गई है. नेतन्याहू के सहयोगी इस हमले को उनकी उस चेतावनी से जोड़ रहे हैं जिसमें उन्होंने चुनाव से पहले दुश्मनों की ओर से हमलों की आशंका जताई थी. उनका कहना है कि नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हुई है.
इजरायल के विपक्षी नेताओं ने क्या कहा?
वहीं विपक्षी नेताओं का कहना है कि फ्लाइट में हुई घटना का नेतन्याहू की चेतावनी से कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि बिना ठोस इंटेलिजेंस के लोगों में डर फैलाया जा रहा है. सुरक्षा अधिकारियों ने भी हिब्रू मीडिया से कहा है कि उन्हें किसी खास हमले की जानकारी पहले से नहीं थी.
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बताते चलेब कि यह विवाद ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल में चुनाव में एक महीने से भी कम समय बचा है और 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी भी करीब है. इसी बीच नेतन्याहू का संयुक्त अरब अमीरात का अचानक दौरा भी चर्चा में है. उन्होंने अबू धाबी में यूएई राष्ट्रपति से मुलाकात की थी. रिपोर्टों में दावा किया गया था कि यूएई ने 7 अक्टूबर से पहले चेतावनी दी थी जिस पर कार्रवाई नहीं हुई, हालांकि नेतन्याहू कार्यालय ने इसे फेक न्यूज बताया है.