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अमेरिका के साथ ट्रेड डील होते ही लुढ़क गया सोना, चांदी की कीमतों में भी आई भारी कमी, जानें क्यों हो रहे उलटफेर
Gold Rate Today: सोना-चांदी की कीमतों में भारी कमी आने लगी है. अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल होते ही गोल्ड-सिल्वर के रेट क्रैश होने लगे हैं. इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है.
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अमेरिका के साथ ट्रेड डील होने औल टैरिफ को लेकर फ्रेम वर्क से सामने आने के बाद सोना और चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर हुआ है. इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में जोरदार गिरावट देखी गई. इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी.
22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है. 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है.
चांदी की कीमतों में भी आई भारी कमी!
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चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है. चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था. आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं.
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हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है. सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है. खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है.
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जानकारों ने कहा कि सोने में सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला. फिलहाल कॉमेक्स पर यह 4,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है. आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिका के बेरोजगारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करेगी.
क्यों आई सोने की कीमतों में कमी, आसान भाषा में समझिए
प्रॉफिट बुकिंग क्या है?
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कहा जा रहा है कि सोना-चांदी की कीमतें प्रॉफिट बुकिंग और डिमांड में आई कमी की वजह से कम हुई हैं.
जब सोने-चांदी की कीमतें बहुत ऊपर चली जाती हैं, तो जिन निवेशकों ने पहले कम दाम पर खरीदा होता है, वे मुनाफा पक्का करने के लिए बेचने लगते हैं. जैसे ही बड़ी संख्या में लोग बेचते हैं, बाजार पर दबाव पड़ता है और कीमतें रुक जाती हैं या नीचे आने लगती हैं. इसी प्रक्रिया को प्रॉफिट बुकिंग कहते हैं.
फिजिकल डिमांड क्यों घटी?
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ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद सोना-चांदी आम लोगों के लिए महंगे हो जाते हैं. ऐसे में गहने खरीदने वाले ग्राहक, शादी-विवाह या निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड-सिल्वर लेने वाले लोग खरीद टाल देते हैं. इसके अलावा चांदी का इस्तेमाल इंडस्ट्री में भी होता है. जब इंडस्ट्रियल मांग को लेकर चिंता बढ़ती है, तो उसकी खरीद भी कम हो जाती है.
नतीजा क्या होता है?
जब एक तरफ निवेशक मुनाफा कमाने के लिए बेचते हैं और दूसरी तरफ खरीदार कम हो जाते हैं, तो सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट या ठहराव देखने को मिलता है.
इसे आसान और काम की भाषा में ऐसे समझिए
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1. सर्टिफाइड गोल्ड क्यों जरूरी है?
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही लें. हॉलमार्क इस बात की गारंटी देता है कि सोना शुद्ध है और जितने कैरेट का बताया जा रहा है, उतने का ही है.
सोने पर एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है, जिससे उसकी शुद्धता और जांच एजेंसी की पहचान होती है. बिना हॉलमार्क वाला सोना सस्ता लग सकता है, लेकिन उसमें मिलावट का खतरा रहता है.
2. कीमत क्रॉस चेक करना क्यों जरूरी है?
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ज्वेलर जो रेट बता रहा है, उसे खुद भी जांच लें. रोज़ाना सोने के दाम बदलते हैं और 24 कैरेट, 22 कैरेट व 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं.
आप IBJA (India Bullion and Jewellers Association) जैसी भरोसेमंद वेबसाइट से उस दिन का रेट देखकर तुलना कर सकते हैं. इससे आपको ज्यादा पैसे देने से बचाव होता है और सही सौदा होता है. हॉलमार्क देखकर शुद्धता तय करें और रेट क्रॉस चेक करके सही कीमत—तभी सोने की खरीद सुरक्षित और फायदे का सौदा होगी.
कैसे पहचानें असली चांदी?
1. मैग्नेट टेस्ट
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती. अगर चांदी का गहना या सिक्का मैग्नेट से चिपक जाए, तो समझ लीजिए वह नकली है.
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2. आइस टेस्ट
चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखें. असली चांदी में गर्मी जल्दी ट्रांसफर होती है, इसलिए बर्फ बहुत तेजी से पिघलने लगेगी. अगर बर्फ धीरे पिघले, तो शक करना चाहिए.
3. स्मेल टेस्ट
असली चांदी में किसी तरह की गंध नहीं होती. अगर चांदी से कॉपर या धातु जैसी बदबू आए, तो वह असली नहीं है.
4. क्लॉथ टेस्ट
चांदी को सफेद कपड़े से हल्का रगड़ें. अगर कपड़े पर काला निशान आ जाए, तो यह असली चांदी की पहचान है, क्योंकि चांदी ऑक्सिडाइज होकर काला पड़ती है.
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यानी कि पूरी तरह पक्का होने के लिए हॉलमार्क या ज्वेलर की जांच सबसे सुरक्षित तरीका होता है.