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सूट-बूट वाले सांसदों ने एक दूसरे को गिरा-गिराकर पीटा, किसी की कमर तो किसी की नाक टूटी, अखाड़ा बनी तुर्किये संसद

तुर्किये में कैबिनेट फेरबदल के बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ. सांसदों का उग्र विरोध अचानक मारपीट में बदल गया. इस मारपीट में एक सांसद की नाक भी टूूट गई.

Turkey Parliament: आपने कुश्ती अखाड़े में होती देखी होगी, जहां पहलवान दंगल में एक दूसरे को पटखनी देते हैं, लेकिन क्या हो जब जनता के चुने हुए सांसद पहलवान बन एक दूसरे से लड़ें और देश की संसद बन जाए अखाड़ा. ये नजारा दिखा तुर्किये की संसद में, जहां सूट-बूट वाले सांसदों के बीच जोरदार बहस मारपीट में बदल गई और एक-दूसरे के बीच जमकर लात-घूंसे चले. 

तुर्किये में कैबिनेट फेरबदल के बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ. राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने न्याय मंत्री के पद पर अकीन गुरलेक की नियुक्ति की, इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो गई. बहस इतनी बढ़ गई कि बात धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई. संसद में भगदड़ जैसे हालात हो गए. इस घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है. 

देखें Video

वीडियो में देख सकते हैं कैसे तुर्किये की राजधानी अंकारा में सांसदों ने अपने आचरण से संसद की गरिमा को तार-तार कर दिया है. सांसद एक दूसरे को गिरा-गिराकर लिटा-लिटाकर पीट रहे हैं. सांसदों के बीच जमकर धक्का मुक्की भी हो रही है. 

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दरअसल, नए न्याय मंत्री अकीन गुरलेक की नियुक्ति के बाद से ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी थी. विपक्ष नए मंत्री की नियुक्ति का विरोध कर रहा था. देखते ही देखते संसद अखाड़े में तब्दील हो गई और इस हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही को स्थगित कर वहां से चलते बने. इस मारपीट और धक्का मुक्की में एक सांसद की नाक भी टूट गई. जबकि कई नेता घायल हो गए. सांसदों की इस हरकत ने पूरे तुर्किये को दुनिया के सामने शर्मसार कर दिया. 

कौन हैं वो अकीन गुरलेक? 

तुर्किये के नए रक्षा मंत्री अकीन गुरलेक की नियुक्ति का इतना विरोध क्यों हो रहा है? क्यों विपक्ष को उनकी नियुक्ति फूटी आंख भी नहीं भा रही? दरअसल, अकीन गुरलेक इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक रह चुके हैं. उनके कार्यकाल में मुख्य विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ बड़े मुकदमे चले थे. जिन्हें राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया गया था. एर्दोआन के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इमामोग्लू पर भी केस दर्ज कर अरेस्ट किया गया था. ऐसे में अब अकीन को रक्षा मंत्रालय दिया गया तो विपक्ष में विरोध की भावना ने उग्र रूप ले लिया. 

 

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