ट्रेन में यात्री की जानलेवा हरकत... खुले तार से करने लगा मोबाइल चार्ज और रैक में टांगे जूते, VIDEO VIRAL
भारतीय रेलवे की जनरल बोगी में लापरवाही का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हुआ है. ‘नालंदा सूचकांक’ अकाउंट से शेयर किए गए इस वीडियो ने ट्रेन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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भारत में हर दिन करोड़ों लोग ट्रेनों से सफर करते हैं. खासकर जनरल बोगियों में भीड़ का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. ऐसे माहौल में एक छोटी सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है. हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने ट्रेन सुरक्षा और यात्रियों की जिम्मेदारी पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है कि किस प्रकार एक छोटी सी लापरवाही सबकी ज़िंदगी को ख़तरे में डाल देती है.
वायरल वीडियो में क्या है?
यह वीडियो ‘नालंदा सूचकांक’ नाम के अकाउंट से शेयर किया गया. वीडियो में एक जनरल कोच का दृश्य दिखाई देता है, जहां पहले से ही यात्रियों की भारी भीड़ है. इसी बीच ऊपरी बर्थ पर बैठा एक यात्री अपने मोबाइल को चार्ज करने के लिए बेहद खतरनाक तरीका अपनाता नजर आता है. वह कोच के स्विच बोर्ड में एक खुला बिजली का तार लगा देता है. तार का सिरा ढका नहीं था और उसमें करंट दौड़ रहा था. यह स्थिति कभी भी शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी गंभीर घटना को जन्म दे सकती थी.
इतना ही नहीं, उसी यात्री ने सामान रखने वाले रैक पर अपने जूते टांग रखे थे. जिस स्थान पर लोग अपना बैग और जरूरी सामान रखते हैं, उसे जूतों के स्टैंड की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था. यह व्यवहार न केवल असुविधाजनक था बल्कि साफ-सफाई और सहयात्रियों के सम्मान के खिलाफ भी माना जा रहा है.
सहयात्री ने जताया विरोध
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक अन्य यात्री ने इस लापरवाही का विरोध किया. उसने साफ शब्दों में कहा कि क्या आप किसी की जान जोखिम में डालना चाहते हैं. उसने समझाया कि चलती ट्रेन में खुले तार लगाना बेहद खतरनाक है. हल्की सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. समझाने पर संबंधित यात्री ने खुला तार निकाल दिया और चार्जर सही तरीके से लगाया. हालांकि अक्सर ऐसी स्थिति में विरोध करने पर बहस या मारपीट तक की घटनाएं सामने आती रही हैं.
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया. लोगों का कहना है कि जनरल कोच में पहले ही भीड़ अधिक होती है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकती है. कुछ ने रेलवे प्रशासन से सख्त निगरानी और नियमों के कड़ाई से पालन की मांग की. वहीं कई लोगों ने इसे नागरिक जिम्मेदारी की कमी से जोड़ते हुए कहा कि जब तक यात्री खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है.
बहरहाल, यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सार्वजनिक स्थान पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी केवल अपनी सुविधा तक सीमित नहीं होती. ट्रेन में यात्रा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना, स्वच्छता बनाए रखना और सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है. छोटी सी सावधानी बड़े हादसे को रोक सकती है.
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