'अपने शासन में UP को बीमारू राज्य बनाने वाले आज निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं', मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश पर तीखा हमला
मंत्री दानिश आजाद ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि AI और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए. उन्होंने आगे कहा कि सपा ने यूपी को तमाशे के अलावा कुछ नहीं दिया.
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर यूपी सरकार के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी और बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा पलटवार किया है. दानिश आजाद ने एआई और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से लेकर सपा के 2012-17 के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों तक पर सवाल खड़े किए और कहा कि सपा के दौर में सरकारी भर्तियों में नौकरी की नीलामी होती थी. वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने निवेश और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरते हुए कहा कि जिस यूपी में पहले निवेशक आने से डरते थे, आज वही प्रदेश बेहतर कनेक्टिविटी और कानून के राज के कारण निवेश का केंद्र बन रहा है.
‘एआई का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए’
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा समाज को भ्रमित करने की नीयत से काम करती है. उन्होंने कहा कि आज यूपी और देश डिजिटल मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं. एआई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थियों और युवाओं के करियर ग्रोथ के लिए होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर रील देखकर टाइम पास करने के लिए.
मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में तकनीक का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “एआई का दुरुपयोग अगर देखना है, टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग अगर देखना है, तो आप समाजवादी पार्टी के कार्यालय चले जाओ.” उन्होंने कहा कि तमाशा बनाने के अलावा सपा ने यूपी को कुछ नहीं दिया.
‘सपा शासनकाल में नौकरियों की नीलामी होती थी’
दानिश आजाद ने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार में सरकारी भर्तियों के दौरान अलग-अलग नौकरियों के रेट तय होते थे और एजेंट लगाए जाते थे. उन्होंने कहा कि किसी नौकरी के लिए 10 लाख, किसी के लिए 20 लाख और किसी के लिए 30 लाख रुपये तक की बोलियां लगती थी.
उन्होंने सपा सरकार में छात्रवृत्ति, शिक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सपा को पहले अपने कार्यकाल का इतिहास देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि जनता ने उसे सत्ता से बाहर क्यों किया.
‘वसूली के डर से निवेशक यूपी नहीं आते थे’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने शासनकाल में जिन्होंने यूपी को बीमारु राज्य बना दिया आज वो प्रदेश में निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले निवेशक यहां निवेश करने से डरते थे, क्योंकि निवेश का पता चलते ही सपा नेता वसूली अभियान शुरू कर देते थे.
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में निवेशकों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जा रहा है और अब यूपी में खर्ची-पर्ची की बात कोई सोच भी नहीं सकता. दिनेश ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है और बेहतर रोड, एयर व वॉटरवेज कनेक्टिविटी के कारण निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
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‘सपा सरकार में नौकरियों का हाल खराब था’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश के नकल और रोजगार के मुद्दे उठाने पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी और जाति के आधार पर नियुक्तियां होती थी. उन्होंने कहा कि योगी सरकार में करीब साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं.
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उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर युवाओं को नौकरी मिल रही है, इसलिए उन्हें दिक्कत हो रही है. सिंह ने कहा कि सपा की दुकान 2017 में ही बंद नहीं हुई, बल्कि 2047 तक बंद रहने वाली है.