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केरल में खत्म हुआ सस्पेंस, कट गया केसी वेणुगोपाल का पत्ता... कांग्रेस नेतृत्व ने किया ऐलान, वीडी सतीशन होंगे CM
केरल में लंबे मंथन के बाद कांग्रेस ने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया है. एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने उनके नाम का ऐलान किया. इसके साथ ही केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की रेस से बाहर हो गए.
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केरल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद भी कांग्रेस कई दिनों तक मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर असमंजस में दिखाई दी. आखिरकार गुरुवार को इस लंबे मंथन का अंत हो गया और पार्टी नेतृत्व ने वीडी सतीशन (VD Satheesan) के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी. एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम का ऐलान किया. इस फैसले के साथ यह भी साफ हो गया कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं.
10 दिनों तक चला सियासी मंथन
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आए थे. बाकी राज्यों में जहां सरकार गठन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो गई, वहीं केरल में कांग्रेस मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने में लगातार देरी करती रही. इसके पीछे पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को बड़ी वजह माना गया. मुख्यमंत्री पद की रेस में वीडी सतीशन के अलावा केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे. तीनों नेताओं के समर्थक लगातार अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए थे. इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व को अंतिम फैसला लेने में काफी समय लगा.
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कार्यकर्ताओं की पसंद बने सतीशन
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राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक दल के कई सदस्य केसी वेणुगोपाल के पक्ष में बताए जा रहे थे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और आम समर्थकों के बीच वीडी सतीशन की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है. साल 2022 में चुनावी हार के बाद सतीशन ने राज्य में कांग्रेस का चेहरा बनकर संगठन को मजबूती देने का काम किया था. पार्टी नेतृत्व को भी यह एहसास था कि सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने से कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा. यही वजह रही कि आखिरकार हाईकमान ने उन्हीं के नाम पर सहमति बनाई.
राहुल गांधी ने निभाई अहम भूमिका
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मुख्यमंत्री चेहरे पर सहमति बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा की. इस बैठक में दीपा दासमुंशी, अजय माकन और मुकुल वासनिक भी मौजूद रहे. इन नेताओं ने हाल ही में केरल के नवनिर्वाचित विधायकों से बातचीत कर उनकी राय जानी थी. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई. राहुल गांधी ने पहले खड़गे से मुलाकात की और बाद में केसी वेणुगोपाल से अलग बातचीत की. माना जा रहा है कि इसी चर्चा के बाद वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पीछे हटने का फैसला लिया.
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गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस के पास खुद 63 विधायक हैं. वहीं सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पास 22, केरल कांग्रेस के पास 8 और आरएसपी के पास 3 सीटें हैं. अब मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के बाद केरल में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. पार्टी को उम्मीद है कि वीडी सतीशन के नेतृत्व में राज्य में कांग्रेस एक मजबूत और स्थिर सरकार देने में सफल होगी.