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लगातार बजता रहा PM मोदी का फोन, ओडिशा के नए राज्यपाल ने नहीं उठाई कॉल! फिर इस गलती के बाद जो हुआ...
पलामू के पूर्व सांसद और बीजेपी के नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया है. इसके बाद हुआ ये कि उन्हें बधाई देने के लिए खुद पीएम मोदी ने 10 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई. इसके पीछे की गजब वजह भी ब्रजमोहन ने बताई है.
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झारखंड के पलामू लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद ब्रजमोहन राय को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. इसको लेकर उन्हें देशभर से बधाईयां मिल रही हैं. यहां तक कि उन्हें खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कॉल कर बधाई दी. गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले कॉल किया था.
ब्रजमोहन राम ने पीएम मोदी की कॉल को लेकर एक मजेदार खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री मोदी ने काल किया. इतना ही नहीं पीएम मोदी उन्हें बार-बार कॉल कर रहे थे, लेकिन वो उठा नहीं पाए. हालांकि इस बारे में उन्हें बताया गया तो उन्होंने पीएम मोदी से बात की. उन्होंने आगे कहा कि मंगलवार की सुबह करीब 10 बार प्राइवेट नंबर से उनके मोबाइल पर फोन आ रहा था, लेकिन नंबर नहीं दिखने से वह कॉल नहीं उठा पा रहे थे.
'पीएम मोदी ने 10 बार कॉल किया, मैंने नहीं उठाया'
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हालांकि ब्रजमोहन ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए बताया कि जब उन्होंने नंबर ना दिखने की वजह से प्रधानमंत्री की कॉल नहीं उठाई तो उन्हें बाद में एक निजी नंबर से फोन आया. उन्हें तब बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री ने जोहार कर उनका अभिवादन किया. उनसे संगठन की जानकारी ली और बताया कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है. इसी दौरान ब्रजमोहन ने बताया कि दोपहर में उन्हें गृह मंत्री अमित शाह ने फोन किया और बताया कि उन्हें राज्यपाल बनाया जा रहा है. हालांकि तब तक किसी से जानकारी शेयर नहीं करने को कहा गया था.
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ब्रजमोहन के राज्यपाल बनाए जाने पर खुशी की लहर!
आपको बता दें कि ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने पर झारखंड भाजपा में खुशी देखी जा रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार को रांची में उनसे मुलाकात कर बधाई दी. वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनके सफल कार्यकाल की कामना की.
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आदित्य साहू ने रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर ब्रज मोहन राम से शिष्टाचार भेंट की. उन्होंने कहा कि ब्रज मोहन राम के लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का अनुभव ओडिशा के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रयासों में उपयोगी साबित होगा.
मरांडी ने भी उम्मीद जताई कि वह अपने अनुभव के आधार पर राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे. पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं.
12 अक्टूबर को जारी हुई अधिसूचना
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राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वह निवर्तमान राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे. एक जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में जन्मे ब्रज मोहन राम का राजनीतिक सफर अविभाजित बिहार से शुरू हुआ. वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने पलामू संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा और लगातार तीन बार जीत हासिल की.
कैसा रहा है करियर?
वह 1996 से 1998 तक 11वीं, 1998 से 1999 तक 12वीं और 1999 से 2004 तक 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे. अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऊर्जा, रेलवे, परिवहन और पर्यटन से संबंधित संसदीय समितियों में काम किया. वह कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़ी संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे.
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भाजपा संगठन में भी उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और झारखंड प्रदेश भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी रहे. उनकी नियुक्ति को झारखंड के राजनीतिक हलकों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.