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मोमोज बेचने वाला निकला ठगी का किंग, इंस्टाग्राम-टेलीग्राम पर जाल बिछाकर बना करोड़पति; पुलिस भी रह गई हैरान

सोशल मीडिया के जरिए ‘बिग डैडी’ ऐप से युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंसाने वाले एक शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पहले फास्टफूड ठेला चलाता था, लेकिन एजेंट बनकर लोगों को झांसा देकर करोड़ों कमाने लगा. हरियाणा के रोहतक से शिकायत मिलने के बाद जांच में उसका नाम सामने आया.

Image Source: AI Generated
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सोशल मीडिया के दौर में जहां एक क्लिक पर दुनिया जुड़ जाती है, वहीं इसी प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल युवाओं को गहरे जाल में भी फंसा रहा है. ताजा मामला सामने आया है, जहां ‘बिग डैडी’ नामक ऐप के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का लालच देकर युवाओं को ठगने वाले एक शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पहले मामूली मोमोज बेचने वाला था, लेकिन कुछ ही समय में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन बैठा.

सोशल मीडिया बना ठगी का सबसे बड़ा हथियार

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिवा कुशवाहा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर काफी सक्रिय था. वह ‘बिग डैडी’ ऐप का प्रचार करता और लोगों को जल्द अमीर बनने का सपना दिखाता.  इसके लिए वह फर्जी स्क्रीनशॉट, नकली जीत के वीडियो और बड़े मुनाफे के दावे करता था. उसकी बातों में आकर कई युवा इस जाल में फंसते चले गए.

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मामूली ठेले से करोड़ों तक का सफर

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जानकारी के अनुसार, आरोपी पहले अपने भाई के साथ मोमोज और फास्टफूड का ठेला लगाता था. लेकिन अचानक उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदलने लगी. यह बदलाव इतना बड़ा था कि पुलिस को शक हुआ. जांच में सामने आया कि असली कमाई का जरिया ठेला नहीं, बल्कि ऑनलाइन ठगी का यह नेटवर्क था. आरोपी खुद को सफल गेमर बताकर लोगों का भरोसा जीतता और उन्हें निवेश के लिए उकसाता.

ऐसे फंसते थे लोग इस जाल में

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इस पूरे खेल का तरीका बेहद चालाकी भरा था. शुरुआत में कुछ लोगों को छोटा-मोटा मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उनका भरोसा मजबूत हो सके. इसके बाद वे ज्यादा पैसे लगाने लगते और अंत में अपनी पूरी जमा पूंजी गंवा बैठते. इस प्रक्रिया के बदले आरोपी को हर निवेश पर कमीशन मिलता था। यही कमीशन उसकी कमाई का मुख्य स्रोत बन गया.

पुलिस की कार्रवाई

मामले की शुरुआत हरियाणा के रोहतक से आई एक ऑनलाइन शिकायत से हुई. इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की. जांच के दौरान कई नाम सामने आए, जिनमें मुख्य आरोपी शिवा कुशवाहा भी शामिल था. पुलिस ने उसे मॉडर्न स्कूल के सामने से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया और बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए एक कंपनी से एजेंट के रूप में जुड़ा था.

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ठगी के पैसों से बनाई आलीशान जिंदगी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने ठगी के पैसों से लग्जरी लाइफस्टाइल अपनाई. उसने करीब 22 लाख रुपये की कार खरीदी, 50 लाख रुपये खर्च कर एक आलीशान मकान बनवाया और 22 लाख रुपये की महंगी बाइक भी ली. कुल मिलाकर उसने लगभग एक करोड़ रुपये की अवैध कमाई कर ली थी। यह सब कुछ उसने कुछ ही सालों में हासिल किया.

नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगी जांच

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पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस गिरोह में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं. अलग-अलग राज्यों में फैला यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और इसका संचालन कहां से किया जा रहा था.

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बताते चलें कि यह मामला साफ संकेत देता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चमक सच्चाई नहीं होती. जल्दी अमीर बनने का लालच कई बार जिंदगी भर की कमाई छीन लेता है. इसलिए किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी पूरी सच्चाई जानना बेहद जरूरी है. थोड़ी सी सतर्कता ही आपको ऐसे बड़े धोखे से बचा सकती है.

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