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मजदूरों के आंदोलन में विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर छिड़का पेट्रोल, मची अफरा-तफरी, जानें पूरा घटनाक्रम

दरअसल, रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइन्स में मजदूरों के हकों को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल हुए थे. रविंद्र सिंह भाटी के पहुंचते ही हजारों मजदूर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने लगे.

Source- X/@RavindraBhati__
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Ravindra Singh Bhati News: राजस्थान के बाड़मेर से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की. हालांकि पेट्रोल छिड़कते ही समर्थकों ने रोक लिया और आग लगाने की कोशिश नाकाम कर दी. बताया जा रहा है भाटी अपने साथ बैग में पेट्रोल लेकर आए थे. 

दरअसल, रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइन्स में मजदूरों के हकों को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल हुए थे. रविंद्र सिंह भाटी के पहुंचते ही हजारों मजदूर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने लगे. इसी बीच हालात उस वक्त बिगड़ गए जब विरोध के रूप में रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया. इसके बाद प्रशासिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और हड़कंप मच गया. 

पुलिस ने भारी भीड़ के बीच रविंद्र भाटी को कड़ी मशक्कत से वहां से निकाला. हालांकि बाद में भाटी कलेक्ट्रेट तक जाने में कामयाब रहे. बताया जा रहा है मजदूरों की मांगों के समर्थन में रविंद्र सिंह भाटी भारी समर्थकों और 500 गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे. 

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क्या है गिरल लिग्नाइट माइन्स को लेकर मजदूरों की मांगें? 

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गिरल लिग्नाइट माइन्स में मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 40 दिनों से धरना जारी है. 

यह भी पढ़ें

  • मजदूर रोजगार सुरक्षा
  • स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता देने की मांग
  • श्रमिक सुविधाओं और ठेका कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे
  • 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने की मांग 
  • मजदूरों को उचित वेतन देनें की मांग 
  • Bonus Act 1965 के अनुसार बोनस की मांग 

इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए बाड़मेर के शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी पिछले 15 दिनों से खुद धरना स्थल पर बैठे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मजदूरों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाए कि प्रशासन उनकी मांगों को दबाने की कोशिश कर रही है. वहीं, रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि यह आंदोलन मजदूरों और स्थानीय लोगों के हकों की लड़ाई है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. 

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