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अलगाववादी कंटेंट को ग्लोरिफाई कर रहीं थी महबूबा मुफ्ती की बेटी, अब चल गया चाबुक, भारत में बैन हुआ X अकाउंट
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती पर एक्शन हो गया. अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को शेयर करने पर उनका सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिया गया.
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जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती का सोशल मीडिया अकाउंट X भारत में बैन कर दिया गया. ये एक्शन इल्तिजा मुफ्ती के एक वीडियो को पोस्ट करने के बाद लिया गया है.
आरोप है कि वीडियो के जरिए इल्तिजा मुफ्ती ने अलगाववादी कंटेंट को बढ़ावा दिया है. कार्रवाई करते हुए 'एक्स' ने कहा कि यह एक्शन कानूनी मांग के जवाब में लिया गया है.
क्या है पूरा विवाद?
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दरअसल, इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी. जिसमें कहा गया था कि कुछ दिन पहले उन्होंने अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी की वीडियो क्लिप शेयर की थी.
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शिकायत में कहा गया कि ऑनलाइन शेयर किया गया वीडियो अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा दे सकता है और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है. शिकायत मिलने के बाद ‘एक्स’ ने एक्शन लिया और इल्तिजा मुफ्ती का अकाउंट ही बैन कर दिया. अब इल्तिजा मुफ्ती के एक्स अकाउंट खोलने पर एक नोटिस दिखाई दे रहा है, जिसमें कहा गया है कि कानूनी अनुरोध के अनुपालन में खाते तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी गई है.
आम तौर पर 'एक्स' ऐसा नोटिस तब जारी करता है, जब कानूनी प्रावधानों या सरकारी निर्देशों के तहत खातों को ब्लॉक या रोक दिया जाता है.
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श्रीनगर की साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ ऑनलाइन सामग्री अलगाववादी विचारों को बढ़ावा देती है और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है.
इल्तिजा मुफ्ती ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वीडियो साझा करने के लिए केवल उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया था कि वे उन लोगों को परेशान न करें, जिन्होंने केवल उनकी सामग्री को दोबारा पोस्ट किया या उस पर प्रतिक्रिया दी.
नजरबंद का किया था विरोध
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इल्तिजा मुफ्ती केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर की मौजूदा अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ मुखर रहती हैं. वह अलगाववादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना करती रही हैं. उनका मानना है कि मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है, और दंडात्मक कार्रवाई केवल जनसंपर्क को खराब करती है और लोगों के बीच अविश्वास पैदा करती है.
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जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद इल्तिजा ने नजरबंदी का विरोध किया था. उन्होंने अनंतनाग जिले के अपने पैतृक नगर बिजबेहारा से 2024 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार डॉ. बशीर अहमद शाह वेरी से हार का सामना करना पड़ा.