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पश्चिम बंगाल में हार देख बौखलाईं 'ममता दीदी' की सेना, TMC समर्थकों ने कई जिलों में मचाया बवाल; पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में बीजेपी प्रचंड बढ़त के साथ जीत की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रही है. इस बीच राज्य के जिलों से हर से बौखलाए टीएमसी के कार्यकर्ता बीजेपी कार्यकर्ताओं ए झड़प कर बैठे. हालाँकि मौक़े पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों से स्थिति को संभाला.

Image Source: Screengrab
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है. शुरुआती रुझानों ने साफ संकेत दे दिया है कि करीब 15 साल से सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार अब विदाई की ओर बढ़ रही है. 293 सीटों के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी 194 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 94 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. कांग्रेस एक बार फिर खाता खोलने में नाकाम दिख रही है. इन रुझानों ने जैसे ही तस्वीर साफ करनी शुरू की, वैसे ही राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया. कई जिलों से तनाव और झड़पों की खबरें सामने आने लगीं. सबसे ज्यादा हलचल बांकुड़ा, कोलकाता और आसनसोल जैसे इलाकों में देखने को मिली, जहां कार्यकर्ताओं के बीच टकराव ने हालात को बिगाड़ दिया.

काउंटिंग सेंटरों के बाहर बढ़ा तनाव

बांकुड़ा यूनिवर्सिटी के काउंटिंग सेंटर के बाहर बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इसी तरह कोलकाता के भवानीपुर इलाके में शखावात मेमोरियल स्कूल के बाहर मतगणना के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में जोरदार नोकझोंक हुई. आसनसोल में भी स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती दिखी. इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र के पास झड़प के दौरान कुर्सियों और वाहनों में तोड़फोड़ की गई. मौके पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा कूचबिहार, दिनहाटा और सॉल्ट लेक में भी तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.

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केंद्रीय बलों का हस्तक्षेप

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स्थिति बिगड़ती देख कई जगहों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. भीड़ को तितर-बितर करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया गया. चुनाव आयोग ने पहले ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. कुल 165 काउंटिंग ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं और हर काउंटिंग सेंटर पर भारी पुलिस बल तैनात है.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज

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जैसे-जैसे नतीजों की तस्वीर स्पष्ट होती जा रही है, वैसे-वैसे आरोपों का दौर भी तेज हो गया है. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि कई जगह बीजेपी के झंडे लगी गाड़ियां स्ट्रॉन्ग रूम के पास देखी गईं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं. वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिजली कटौती यानी लोड शेडिंग को भी साजिश करार दिया है. दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि टीएमसी 70 से 100 सीटों पर आगे चल रही है, लेकिन इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा. उन्होंने इसे ‘फर्जी नैरेटिव’ बताया और अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी हालत में मतगणना केंद्र न छोड़ें. ममता ने यह भी दावा किया कि कई जगह 2-3 राउंड के बाद काउंटिंग रोक दी गई और कल्याणी में 7 मशीनों में गड़बड़ी पाई गई है. हालांकि इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

नारेबाजी से बढ़ा सियासी तापमान

कोलकाता में ममता बनर्जी के आवास के बाहर बीजेपी समर्थकों की मौजूदगी ने माहौल को और गरमा दिया. यहां ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया. मौके पर हलचल और भारी भीड़ के चलते सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करना पड़ा.

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बताते चलें कि अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा. ममता बनर्जी का 15 साल पुराना शासन खत्म हो सकता है और बीजेपी पहली बार राज्य की सत्ता में काबिज हो सकती है. फिलहाल पूरे राज्य की नजरें मतगणना के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं. एक तरफ सत्ता परिवर्तन की आहट है, तो दूसरी तरफ आरोप, तनाव और हिंसा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. आने वाले कुछ घंटों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव ने बंगाल की सियासत को हिला कर रख दिया है.

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