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UP चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को कमान, फैसले पर उठे सवाल
चुनाव से पहले UP कांग्रेस में बड़ा बदलाव, आराधना मिश्रा 'मोना' को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर राजनीतिक जानकारों ने अजय राय को हटाने के फैसले पर सवाल उठाए.
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उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से अजय राय को हटाकर उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा 'मोना' को जिम्मेदारी सौंपी है. साथ ही कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है. इनके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं.
राजनीतिक जानकारों ने कांग्रेस के फैसले पर उठाए सवाल
पूर्वांचल की सियासत को जमीनी स्तर पर समझने वाले राजनीतिक जानकारों और पत्रकारों ने कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव से पहले लिए गए इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. वाराणसी के कई बड़े पत्रकार, जो लंबे समय से बनारस में पत्रकारिता कर रहे हैं, उनका कहना है कि कांग्रेस ने अजय राय को हटाकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है. ETV भारत से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'लंबे समय से उत्तर प्रदेश में ठंडी पड़ी कांग्रेस को ऊर्जा देने वाले अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है. अब यह कौन सा राजनीतिक स्टंट है, ब्राह्मण चेहरे पर कांग्रेस ने बड़ा दांव क्यों खेला है, यह तो राजनीतिक जानकार बताएंगे, लेकिन कांग्रेस को जमीन पर उतरने के साथ यूपी में कांग्रेस के अस्तित्व को जिंदा करने में अजय राय ने लंबी लड़ाई लड़ी है.'
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सपा के ख़िलाफ़ मुखर होने की मिली सज़ा
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वहीं, टाइम्स नाउ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष सिंह ने भी बड़ा सवाल खड़ा करते हुए लिखा, 'क्या समाजवादी पार्टी के खिलाफ मुखर होने की कीमत अजय राय को चुकानी पड़ी? ये सवाल यूं ही नहीं है. जिस शख्स ने दुनिया के सबसे ताकतवर नेता नरेंद्र मोदी को उनके ही गढ़ में कड़ी टक्कर दी, उसी नेता को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से रुखसत कर दिया.' उन्होंने आगे लिखा, 'यूपी में सियासी रूप से कमजोर होने के बावजूद अजय राय कभी अखिलेश यादव के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं हुए. वो अपनी शर्तों पर यूपी में कांग्रेस की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ा रहे थे. विधानसभा चुनाव में सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर भी अजय राय ने पेंच फंसा दिया था. सूत्र बता रहे हैं कि अजय राय खेमे ने सपा के सामने 150 सीटों की डिमांड रखकर अखिलेश की नींद उड़ा दी थी. बात तब हाथ से निकल गई, जब अखिलेश यादव PDA रथ लेकर गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली पहुंच गए. सपा के इस कदम की अजय राय ने डंके की चोट पर मुखालफत की. उन्होंने तल्खी भरे लहजे में अखिलेश यादव के इस कदम का विरोध किया और सैफई और कन्नौज से चुनावी यात्रा की बात कह दी. उनके इस बयान के बाद अखिलेश यादव और उनके समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.'
लड़ाई अभी जारी है: अजय राय
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इस बीच, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उनकी लड़ाई अभी भी जारी है और वह नए नेतृत्व के साथ मिलकर आगे संघर्ष करते रहेंगे. अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया. उन्होंने लिखा, 'मुझ जैसे एक सामान्य कार्यकर्ता को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने के लिए मैं राहुल गांधी एवं कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का जीवनभर आभारी रहूंगा. लड़ाई अभी भी जारी है. नए अध्यक्ष सहित सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं.' अजय राय ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, 'लड़ेंगे, जीतेंगे! हर-हर महादेव!'
अजय राय के कार्यकाल को पार्टी ने सराहा
कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अजय राय के योगदान की भी सराहना की है. उनके कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में पार्टी ने कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया. कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश संगठन के लिए किए गए उनके प्रयासों को स्वीकार करते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की. संगठन में बदलाव के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी नई जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
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पार्टी ने क्यों किए बदलाव?
उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में इन बदलावों को कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और विधानसभा में पार्टी की मौजूदगी को और मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ऐसे समय में प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जब पार्टी राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट और दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति को भी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.व नए कांग्रेस विधायक दल के नेता की नियुक्ति के जरिए पार्टी की कोशिश उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपनी आवाज और विधायकों के बीच समन्वय को मजबूत करने की है. कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से नवनियुक्त पदाधिकारियों को पूरा सहयोग देने और नए नेतृत्व के तहत एकजुट होकर काम करने को कहा है.
आराधना मिश्रा ने जताया पार्टी का आभार
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आराधना मोना मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आभार व्यक्त करती हैं कि उन्होंने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से उनका पारिवारिक जुड़ाव रहा है और यह उनकी चौथी पीढ़ी है जो कांग्रेस में है. उन्होंने कहा कि मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता को साथ लेकर आगे चलूंगी. उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता भी जताई. यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस की कमान मिलने को लेकर आराधना मोना मिश्रा ने कहा कि चुनौतियां हर रास्ते में होती हैं. उन्होंने माना कि यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा के भरोसे वह इस जिम्मेदारी को निभाएंगी. कांग्रेस के पास मजबूत टीम है और वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन उनके साथ रहेगा. साथ ही पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और संगठन के कार्यकर्ताओं के सहयोग से चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा.
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बताते चलें कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हुए इन संगठनात्मक बदलावों ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है. अब आराधना मिश्रा 'मोना' के नेतृत्व में कांग्रेस संगठन को कितना मजबूत कर पाती है और नए पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को किस तरह एकजुट करते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी.