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जम्मू-कश्मीर : कुपवाड़ा के जंगल में मिला पुराना आतंकी ठिकाना, AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों ने जंगल में बने पुराने आतंकी ठिकाने का पता लगाकर उसे ध्वस्त कर दिया. और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया.
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में सुरक्षा बलों ने बुधवार को एक संयुक्त अभियान के दौरान जंगल में बने पुराने आतंकी ठिकाने का पता लगाकर उसे ध्वस्त कर दिया. तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने ठिकाने से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया.
हंदवाड़ा के नागदानार जंगल में आतंकी ठिकाना ध्वस्त
अधिकारियों के अनुसार, एक विशेष सूचना के आधार पर हंदवाड़ा पुलिस ने 21 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और 92 बटालियन सीआरपीएफ के साथ मिलकर हंदवाड़ा के नागदानार वन क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया. अभियान के दौरान संयुक्त दल को जंगल में एक पुराना ठिकाना मिला, जिसे नष्ट कर दिया गया.
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भारी मात्रा में हथियार बरामद
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सुरक्षा बलों ने ठिकाने से एक एके-47 राइफल, तीन हथगोले, एके-47 के 857 कारतूस, 192 पीका राउंड, एके की आठ मैगजीन, एक साइलेंसर और पिस्तौल के 83 कारतूस बरामद किए. इसके अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है.
इस संबंध में हंदवाड़ा पुलिस थाने में एफआईआर संख्या 232 दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और बरामद हथियारों के स्रोत तथा इनके पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
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गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर में भी संयुक्त बलों ने हंदवाड़ा-कुपवाड़ा क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए कथित तौर पर हाइब्रिड मोड में काम करने वाले एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. इस दौरान क्रुहमुरा हंदवाड़ा निवासी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से चीन निर्मित पिस्तौल, दो मैगजीन और 16 कारतूस बरामद किए गए थे.
क्या है हाइब्रिड आतंकवाद?
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाइब्रिड आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के बदलते स्वरूप का हिस्सा है. हाइब्रिड आतंकी आम तौर पर सुरक्षा रिकॉर्ड में सक्रिय आतंकवादी के तौर पर दर्ज नहीं होते और सामान्य नागरिक की तरह जीवन जीते हैं. आतंकी संगठनों द्वारा लक्ष्य सौंपे जाने पर वे हमले को अंजाम देकर फिर सामान्य गतिविधियों में लौटने की कोशिश करते हैं.