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UP में ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 लागू, पुराने बकायेदारों को राहत, इन्हें मिलेगा लाभ
योगी कैबिनेट ने ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 को लागू कर दिया है. इसमें बिक्री कर, व्यापार कर और वैट समेत कई पुराने कर कानूनों के मामले शामिल होंगे.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके तहत विभिन्न कर कानूनों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर ब्याज और अर्थदंड माफ करने का निर्णय लिया गया है.
यह छूट 3 महीने तक लागू रहेगी. योजना के दायरे में बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर, मूल्य संवर्धित कर (वैट) समेत कई कर कानूनों के अंतर्गत आने वाले पुराने बकाये शामिल होंगे.
कई पुराने कर कानूनों के बकाये होंगे शामिल
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- योजना के तहत उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948
- केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956
- उत्तर प्रदेश आमोद और पणकर अधिनियम-1979
- उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995
- उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम-2007
- उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008
इसके तहत सृजित बकायों को शामिल किया गया है. इसके अलावा मनोरंजन कर से संबंधित नियमावली और उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997 से जुड़े मामलों को भी योजना के दायरे में रखा गया है.
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ब्याज और अर्थदंड से मिलेगी राहत
वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित तारीख तक सृजित बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने के लिए यह योजना लागू की जा रही है. इससे संबंधित कर कानूनों के अंतर्गत बकाया रखने वाले करदाताओं को राहत मिलने का रास्ता खुलेगा. उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के जरिए पुराने कर विवादों और बकायों के निस्तारण को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा.
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