Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

नवरात्र पर योगी की 'पाती' में मां दुर्गा की महिमा से महिला सशक्तीकरण तक का संदेश, बताया कैसे पूरा होगा विकसित यूपी का सपना

उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय को धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया. उन्होंने लोगों से महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और महिला आत्मनिर्भरता के लिए योगदान देने का संकल्प लेने की अपील की.

Image Source: NMF INPUT
Loading Ad...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में निहित है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना इसी चेतना का आधार है. उन्होंने प्रदेशवासियों से नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और महिला स्वावलंबन के लिए योगदान देने का संकल्प लेने की अपील की. 'योगी की पाती' में मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब महिषासुर के अत्याचार से तीनों लोकों में त्राहि-त्राहि मच गई, तब देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से एक ऐसी दिव्य शक्ति का प्राकट्य हुआ, जो साक्षात् आदिशक्ति थीं.

मां दुर्गा की विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का प्रतीक

Loading Ad...

मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। उन्होंने कहा कि महिषासुरमर्दिनी की इसी विजय और शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्र पर वह प्रदेशवासियों को हृदय से मंगलकामनाएं देते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि लंका विजय से पूर्व प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की साधना की थी. साधना के लिए 108 नीलकमलों में एक कम पड़ने पर उन्होंने अपना नयन ही अर्पित करने का निश्चय किया. तब मां प्रकट हुईं और उन्हें विजय का वर दिया.  उन्होंने कहा कि ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति मां त्रैलोक्य की रक्षा के लिए चंडी का रूप धारण करती हैं और मधु-कैटभ, शुंभ-निशुंभ तथा रक्तबीज जैसे दानवों का संहार करती हैं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और बढ़ती नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव ही मां के नौ स्वरूपों में निहित है. उन्होंने कहा कि आज भी जब समाज ऐसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करता है, तब नवरात्र हमें याद दिलाता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो. 

Loading Ad...

आस्था और संस्कृति के पुनर्जागरण का केंद्र बन रहा उत्तर प्रदेश

Loading Ad...

सीएम ने कहा कि यही सामर्थ्य मातृशक्ति और समस्त समाज को सुरक्षित, सम्मानित तथा आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का आधार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और युवाओं की बढ़ती सहभागिता दर्शाती है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ रही है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है. इसी चेतना को सार्थक बनाने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर दिए जा रहे हैं.

यह भी पढ़े: स्वच्छता से लेकर सुरक्षा तक, दशहरा-दीपावली पर मिलेगी बेहतर सुविधा, बड़ी तैयारी में जुटी योगी सरकार

मिशन शक्ति से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा

Loading Ad...

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र पर मिशन शक्ति अभियान प्रारंभ किया था. इसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना था. उन्होंने कहा कि आज लगभग 44,000 से अधिक महिलाएं उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा हैं. पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी तथा रानी अवंतीबाई लोधी जैसी वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं. 

कन्या सुमंगला योजना और स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को संबल

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहन मिल रहा है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र के पावन अवसर पर उपासना और उपवास के साथ एक संकल्प यह भी लें कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनेंगे, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करेंगे और किसी महिला के आत्मनिर्भर बनने की राह में उसका संबल बनेंगे. उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी से विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की सिद्धि होगी.

Loading Ad...

यह भी पढ़े: बाढ़-बारिश में बर्बाद हुई फसलों के नुकसान की होगी भरपाई, गोरखपुर से किसानों के खातों में धनराशि भेजेंगे CM योगी

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि सीएम योगी का संदेश है कि नवरात्र की आराधना केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने का माध्यम भी बने. महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने में समाज की सक्रिय भागीदारी ही इस संकल्प को सार्थक कर सकती है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...